

मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ में लापता और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हरसंभव सहायता देगी। नड्डा ने कहा कि इस आपदा में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी को मिलकर पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने राहत सामग्री वितरित की और विशेष राहत पैकेज का भी भरोसा दिया।
जेपी नड्डा के साथ प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और स्थानीय विधायक विनोद कुमार भी मौजूद रहे। मंडी जिले के नाचन क्षेत्र के पंगलियूर गांव में 30 जून को ज्यूणी खड्ड में बाढ़ आने से दो परिवारों के 9 सदस्य बह गए थे। इनमें से केवल चार के शव बरामद हुए हैं, जबकि पांच की तलाश अभी जारी है। नड्डा ने एनडीआरएफ और सेना के प्रयासों की सराहना की और अधिकारियों से राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
राहत सामग्री व लापता की खोज तेज करने के निर्देश
जेपी नड्डा ने सराज विधानसभा क्षेत्र के अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों का भी दौरा किया और हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापता लोगों की तलाश में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। प्रशासन से कहा गया है कि सर्च ऑपरेशन की टीमें लगातार सक्रिय रहें और राहत कार्यों में तेजी लाई जाए। इस दौरान नड्डा ने पीड़ित परिवारों को राशन, कंबल और अन्य जरूरी सामान वितरित किया। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर मौजूद रहकर लोगों की मदद की।
केंद्र से विशेष राहत पैकेज पर विचार की घोषणा
जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है और जल्द ही एक विशेष राहत पैकेज पर विचार किया जाएगा ताकि प्रभावित लोगों को दीर्घकालिक सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाएं राजनीतिक नहीं होतीं, बल्कि मानवता का प्रश्न होती हैं। इस दौरान प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने प्रशासन से प्रभावितों को तत्काल राहत देने की अपील की। नड्डा के दौरे से क्षेत्र में थोड़ी राहत और उम्मीद की भावना देखी गई।
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मंडी बाढ़ त्रासदी ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। जेपी नड्डा का यह दौरा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि केंद्र की सक्रिय भागीदारी का संकेत भी माना जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक अंतिम व्यक्ति को मदद नहीं पहुंचती, प्रयास जारी रहेंगे। राज्य सरकार ने भी राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार जल्द कितना बड़ा राहत पैकेज मंजूर करती है।