26/11 के बाद तैयार थी भारतीय सेना, सरकार ने नहीं दी हमले की इजाजत; सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला
Sudhanshu Trivedi in Navbharat Conclave: नवभारत कॉन्क्लेव में बोलते हुए भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 26/11 हमेल और पाकिस्तान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने तत्कालीन सरकार पर भी सवाल खड़े किए।
- Written By: मनोज आर्या
भारत के हमले के डर से कांप रहा था पाकिस्तान! (AI जेनरेटेड इमेज)
BJP MP Sudhanshu Trivedi in Navbharat Conclave 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘नवभारत कॉन्क्लेव’ के दौरान ‘नव भारत विकसित भारत और नवराष्ट्र’ विषय पर चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन को साझा किया, जो भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने बताया कि अगले 21-22 सालों में भारत का स्वरूप कैसा होगा, इसे पिछले 12 सालों में हुए बदलावों से समझा जा सकता है।
नवभारत कॉन्क्लेव में बोलते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने भारत सरकार की सुरक्षा के मोर्चे पर साहस और संकल्प की मिसाल का जिक्र किया। राष्ट्रीय सुरक्षा की बात करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन कामों को करके दिखाया जिन्हें पहले असंभव माना जाता था। बालाकोट एयरस्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक इसके उदाहरण हैं। उन्होंने पाकिस्तान की संसद के एक बयान का हवाला दिया, जिसमें वहां के सांसदों ने स्वीकार किया कि भारत के हमले के डर से उनके पैर कांप रहे थे और उन्होंने अभिनंदन को तुरंत वापस किया।
कांग्रेस सरकार पर सुधांश त्रिवेदी का हमला
भाजपा सांसद और प्रवक्ता ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की किताब ‘द प्रॉमिस लैंड’ का जिक्र करते हुए कहा कि 26/11 के हमले के बाद भारतीय सेना जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने सेना को इसके लिए अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है। सरकार न केवल निर्णय लेती है बल्कि वैश्विक दबाव के बावजूद देश के हितों की रक्षा करती है। धारा 370 हटाना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है, जिसे पहले नामुमकिन माना जाता था।
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भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रभाव
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विकसित भारत सिर्फ पैसे और जीडीपी के बारे में नहीं है, बल्कि यह हमारे मूल्यों के बारे में भी है। उन्होंने पश्चिमी समाज में बढ़ते तनाव और अकेलेपन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भौतिक सुख तो है, लेकिन शांति नहीं। इसके विपरीत, भारतीय संस्कृति ‘विश्व मित्र’ बनने की बात करती है, दुनिया को दबाने की नहीं। अपने संबोधन उन्होंने कहा कि भारत के पास 10,000 साल पुरानी प्रेरणा है और 1000 साल आगे का विजन है। अगले 22 साल का समय इस मार्ग को प्रशस्त करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत एक सुपरपावर नहीं, बल्कि एक ‘विश्व गुरु’ बनकर उभरना चाहता है जो दुनिया को डराए नहीं, बल्कि उसे उत्साहित और आनंदित करे।
भारत किसी के पीछे चलने वाला नहीं
नवभारत कॉन्क्लेव में बोलते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने जोर देकर कहा कि यदि हमने वर्तमान को संभाल लिया, तो भारत का भविष्य अत्यंत स्वर्णिम होगा। भारत अब किसी के पीछे चलने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को दिशा दिखाने वाला देश बन चुका है। विकसित भारत का संकल्प केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय के गौरव और अस्मिता के पुनर्जागरण की यात्रा है।
ऑल अलायंस की राह पर विदेशी नीति
नवभारत कॉन्क्लेव के मंच से बोलते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हम (भारत) दुनिया के एक मात्र देश हैं, जो क्वाड (QUAD) का सदस्य है और ब्रिक्स (BRICS) का भी सदस्य है। क्वाड उन चार-पांच देशों को समूह जो माना जाता है कि अमेरिका ने अपने हिसाब से बनाया है और ब्रिक्स वो समूह है जो माना जाता है कि चाइना ने बनाया है।
भारत इन दोनों समूहों का सदस्य है। इसका मतलब यह हुआ कि किसी जमाने में हमारी विदेश नीति नॉन अलायंस होती थी, लेकिन आज हमारी विदेशी नीति ऑल अलायंस है। हम किसी के साथ नहीं थे, आज सब हमारे साथ हैं। उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
(दिल्ली में आयोजित नवभारत कॉन्क्लेव के मंच पर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी)
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जब धारा 370 पर होती थी बहस
कार्यक्रम में बोलते हुए भाजपा सांसद ने मोदी सरकार में हुए कई अहम बदलावों का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें यह कहती थी कि हम ये होने देंगे ही नहीं। इनकी हैसियत नहीं की ये कभी कर दें। क्या धारा 370, 35A और राम जन्मभूमि, याद करिए जब ये कहा गया था जिस दिन धारा 370 हट जाएगी, उस दिन तिरेंगे को कंधा देने वाला कोई नहीं मिलेगा। लेकिन आज स्थिति क्या है, डल झील (श्रीनगर) पर तिरंगे की कतार दिखाई पड़ती है। यानी वो काम जिसको लेकर हमेशा ये यह कहा जाता रहा कि हम ये होने ही नहीं देंगे। लेकिन हमने ये कर दिखाया।
