भारत में बने iPhone के दीवाने क्यों हुए अमेरिकी? BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बताया इसके पीछे का असली सच

Sudhanshu Trivedi in Navbharat Conclave 2026: नवभारत कॉन्क्लेव में भाजपा सांसद ने बताया कि आज भारत हर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब अमेरिका की भी भारत पर निर्भरता बढ़ गई है।
sudhanshu trivedi in navbharat conclave
(नवभारत कॉन्क्लेव के मंच पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी)
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BJP MP Sudhanshu Trivedi in Navbharat Conclave 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘नवभारत कॉन्क्लेव’ के दौरान ‘नव भारत विकसित भारत और नवराष्ट्र’ विषय पर चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन को साझा किया, जो भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने बताया कि अगले 21-22 सालों में भारत का स्वरूप कैसा होगा, इसे पिछले 12 सालों में हुए बदलावों से समझा जा सकता है।

नवभारत कॉन्क्लेव में बोलते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि जब साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आए तब हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल हैंडसेट उपभोक्ता थे। लेकिन उत्पादन के मामले में हम लगभग शून्य थे, उस वक्त केवल दो फैक्ट्री थी। उस वक्त सरकार की नीतियां यह थी कि पूरा मोबाइल इंपोर्ट कने पर एक्साइज ड्यूटी कम। अगर मोबाइल पार्ट्स इंपोर्ट करोगे तो एक्साइज ड्यूटी ज्यादा। यानी मैन्युफैक्चरिंग को पूरी तरह मार दिया गया था।

अमेरिका में क्यों बिकते भारत में बने iPhone?

आज भारत में मोबाइल हैंडसेट उत्पादन के लिए कुल 340 फैक्ट्रियां हैं। आज हम सिर्फ उपभोक्ता ही नहीं, उत्पादक भी हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत में जितने इस्तेमाल किए जाने वाले फोन हैं, वो लगभग सभी भारत में ही बनते हैं। आज मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली दुनिया की सभी बड़ी कंपनी सैमसंग भारत के नोएडा में है। सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि आईफोन की चीन के बाहर सबसे बड़ी फैक्ट्री भारत में है। जो भारत में आईफोन बनते हैं अमेरिकन मार्केट में सिर्फ वहीं बिकते हैं। चाइना में बना हुआ आईफोन अमेरिका में नहीं बिकता है। क्योंकि उनको डर रहता है कि चीन ने फोन के अंदर (सुरक्षा के लिहाज से) कुछ कर के तो नहीं भेज दिया। उनको भरोसा वहां (चीन) पर नहीं भारत पर है।

जब धारा 370 पर होती थी बहस

कार्यक्रम में बोलते हुए भाजपा सांसद ने मोदी सरकार में हुए कई अहम बदलावों का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें यह कहती थी कि हम ये होने देंगे ही नहीं। इनकी हैसियत नहीं की ये कभी कर दें। क्या धारा 370, 35A और राम जन्मभूमि, याद करिए जब ये कहा गया था जिस दिन धारा 370 हट जाएगी, उस दिन तिरेंगे को कंधा देने वाला कोई नहीं मिलेगा। लेकिन आज स्थिति क्या है, डल झील (श्रीनगर) पर तिरंगे की कतार दिखाई पड़ती है। यानी वो काम जिसको लेकर हमेशा ये यह कहा जाता रहा कि हम ये होने ही नहीं देंगे। लेकिन हमने ये कर दिखाया।

क्लीन सोर्सेज से आ रही देश की आधी उर्जा

सौर ऊर्जा के मामले में भारत ने जो लक्ष्य रखे थे, उन्हें समय से पहले ही पूरा कर लिया है। पहले 2030 तक 40% क्लीन एनर्जी का लक्ष्य था, जो 2022 में ही पूरा हो गया। अब 2030 तक का नया लक्ष्य 50% रखा गया है, जिसे 2025 तक हासिल कर लिया गया है। आज भारत की आधी ऊर्जा क्लीन सोर्सेज से आ रही है और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का मुख्यालय भी भारत के गुरुग्राम में है।

https://youtu.be/QiX6nGnfrms?si=UQ_hjzr3XZp2m7wL

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