- Hindi News »
- India »
- Birthday Special Poet Whose Poems Were Heard By Bandits After Kidnapping Him Kaka Hathrasi
जयंती विशेष: ऐसा कवि जिससे डाकुओं ने किडनैप कर के सुनी कविताएं, ठहाके लगाने के बाद दिए 100 रुपए
आज यानी बुधवार 18 सितंबर को जिस कवि का जन्मदिन है। उसका असली नाम असली नाम प्रभु लाल गर्ग था। लेकिन अगर आप साहित्य के क्षेत्र में उन्हें इस नाम से तलाशने जाएंगे तो गच्चा खा जाएंगे। इस नाम के पीछे की क्या कहानी है और उस कवि के जीवन का सबसे दिलचस्प किस्सा क्या है पढ़िए इस आर्टिकल में।
- Written By: अभिषेक सिंह

दिवंगत कवि काका हाथरसी (सोर्स-सोशल मीडिया)
नवभारत डेस्क: आज यानी बुधवार 18 सितंबर को जिस कवि का जन्मदिन है। उसका असली नाम असली नाम प्रभु लाल गर्ग था। लेकिन अगर आप साहित्य के क्षेत्र में उन्हें इस नाम से तलाशने जाएंगे तो गच्चा खा जाएंगे। क्योंकि उन्हें जो प्रशस्ति मिली वह उनके उपनाम ने दिलवाई। खास बात यह कि जिस उपनाम ने उन्हें ख्याति दिलवाई वह उन्हें कविता के मंच से नहीं बल्कि नाटकों के मंचो सें मिली।
हम बात कर रहे हैं मशहूर कवि काका हाथरसी की। दरअसल प्रभु दयाल ‘काका’ नाम से नाटकों में अभिनय करते थे, जिससे उन्हें काफी प्रसिद्धि भी मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी रचनाओं में काका का नाम जोड़ लिया। काका का जन्म 18 सितंबर 1906 को हाथरस में हुआ था। जिसके कारण वो हाथरसी हो गए।
यह भी पढ़ें:- जन्मदिन विशेष: वो राजनेता जिसने किया गांधी परिवार की नाक में दम, विपक्ष में होने बाद भी बना कैबिनेट मंत्री
सम्बंधित ख़बरें
साधारण में असाधारण की खोज, विनोद कुमार शुक्ला ने कैसे बदली हमारी देखने की दृष्टि? VIDEO
पुण्यतिथि: बंगाल में जन्मा वो साहित्यकार…जिसने हिंदी कविता किया आजाद, बंद कर दी थी गांधी की बोलती!
रघुपति सहाय क्यों बन गए फिराक? जिसके लिए लालयित रहते हैं कवि…इंदिरा के उसी प्रस्ताव को मारी ठोकर
World Poetry Day 2025: आपकी जिंदगी में मन का हौसला बढ़ाएगी ये 5 कविताएं, विश्व कविता दिवस पर जरूर पढ़िए
काका की अवधी कविताओं में हास्य के आवरण ओढ़े हुए समाज के वह पहलू होते थे जिनमें सुधार की जरूरत थी। हास्य और व्यंग्य के जरिए काका ने हर वह बात कही जो उस दौर में ज़रूरी थी और शायद आज भी ज़रूरी है। उसकी एक बानगी आपको यहां पर दिखाते हैं।
पत्रकार दादा बने, देखन उनके ठाठ
काग़ज़ कै कोटा झपट, करैं एक कै आठ
करैं एक कै आठ, चलि रही आपाधापी
दस हज़ार बतलाय, छपैं ढाई सौ कापी
विज्ञापन दे दो तो, जय-जयकार कराएं
मना करो तो उल्टी-सीधी न्यूज़ छपाएं
दाढ़ी वाला चोटी का कवि
काका हाथरसी बड़ी दाढ़ी रखते थे। इसके साथ ही वह मशहूर भी थे। कवियों की जमात में उन्हें उस दौर का चोटी का कवि कहा जाता था। इसको लेकर भी काका ने व्यंग्यपूर्ण छंद कहा। इस छंद को पढ़कर आप सोचेंगे की अपने मुंह मियां मिंट्ठू बनने वाली इंसानी प्रवृत्ति से हटकर काका क्या सोचते थे।
बोले माइक पकड़ कर, पापड़चंद ‘पराग’
चोटी के कवि ले रहे, सम्मेलन में भाग
सम्मेलन में भाग, महाकवि गामा आए
काका, चाचा, मामाश्री, पाजामा आए
हमने कहा, व्यर्थ जनता को क्यों बहकाते?
दाढ़ी वालों को भी, चोटी का बतलाते
काका को संगीत का भी ज्ञान था, उन्होंने संगीत कार्यालय की स्थापना भी की थी जो शास्त्रीय संगीत पर एक पत्रिका प्रकाशित करता था। कवि सम्मेलनों में काका हाथरसी एक मशहूर नाम थे और उनकी कविताएँ सुनने के लिए लोग दूर-दूर से आते थे। भारत सरकार ने 1985 में काका जी को पद्मश्री से भी सम्मानित किया था।
डाकुओं ने किडनैप कर के सुनी कविता
काका कम्युनिस्ट पार्टी के शिखर सम्मेलन में थे और मुरैना में डाकुओं का बोलबाला था। काका विद्वान और बलवी बैरागी ने मुरैना में एक कवि सम्मेलन में भाग लिया था। कवि सम्मेलन के समापन के बाद कुछ डाकू वहाँ आए और उन दोनों का अपहरण कर लिया, उनकी आँखों पर पट्टी बाँध दी और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए ले गए।
कविता पढ़ने के बाद दिए 100 रुपए
डाकुओं ने काका-बैरागी को अपने अड्डे पर ले जाकर कहा कि, “तुम हमारे साथियों को कविताएँ सुनाओ।” उनके बाद काका वैज्ञानिक और बलवी बैरागी ने वहाँ अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। जिनपर डाकुओं ने जमकर ठहाके भी लगाए। इसके बाद डाक ने उन्हें 100 रुपये दिए और उन्होंने लेने से मना कर दिया लेकिन डाक की पक्की गारंटी के बाद उन्होंने 100 रुपये ले लिए।
यह भी पढ़ें:- जन्मदिन विशेष: तीन बार लगातार पीएम बनने वाले पहले गैर कांग्रेसी नेता जिसके फैसलों से बदली देश की तस्वीर
Birthday special poet whose poems were heard by bandits after kidnapping him kaka hathrasi
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सरहद पर भीषण खूनी संघर्ष के बीच रूस की अपील- ‘जंग तुरंत रोकिए’
Feb 28, 2026 | 08:32 AMआज का मौसम 28 फरवरी 2026: दिल्ली में गर्मी का टॉर्चर, पहाड़ों पर बारिश का अलर्ट; जानें अपने शहर का हाल
Feb 28, 2026 | 08:27 AMमहाराष्ट्र में कृत्रिम फूलों पर सख्ती: सीएम फडणवीस की चेतावनी, उल्लंघन पर दंड
Feb 28, 2026 | 08:23 AMइस्लामाबाद तक पहुंची जंग की आग! TTP ने कई इलाकों में किया विस्फोट, हर तरफ हुआ धुंआ ही धुंआ, 40 की मौत
Feb 28, 2026 | 08:17 AMपाकिस्तान-अफगानिस्तान जंग के बीच बोले डोनाल्ड ट्रंप- ‘जरूरत पड़ी तो मैं करूंगा बीच-बचाव’
Feb 28, 2026 | 08:08 AMरिलीज से पहले यामी गौतम ने देखी ‘धुरंधर 2’, आदित्य धर के डायरेक्शन की तारीफ, फैंस हुए एक्साइटेड
Feb 28, 2026 | 08:02 AMजलगांव में 15 वर्षीय छात्र ने मां की डांट से आहत होकर दी जान, परिवार सदमे में
Feb 28, 2026 | 07:50 AMवीडियो गैलरी

मुलताई में 50 मुस्लिम किन्नरों की ‘घर वापसी’; ताप्ती के जल से शुद्धिकरण, लगाए कई गंभीर आरोप
Feb 27, 2026 | 02:07 PM
शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल को राहत, कोर्ट ने किया रिहा, CBI को लगाई फटकार
Feb 27, 2026 | 02:00 PM
लंबी बीमारी के बाद क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन…बचपन के कोच ने बताया अधूरी रह गई एक ख्वाहिश?
Feb 27, 2026 | 01:52 PM
PM मोदी का इजराइल दौरा: एयरपोर्ट पर ‘केसरिया’ पर हुई दिलचस्प चर्चा, नेसेट में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
Feb 26, 2026 | 01:54 PM
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार: ‘हिस्ट्रीशीटर’ शिकायतकर्ता और AI के खेल का पर्दाफाश! क्या ये साजिश है?
Feb 26, 2026 | 01:43 PM
वाराणसी मणिकर्णिका घाट पर मसान होली पर विवाद: डोम राजा परिवार ने दी दाह संस्कार रोकने की चेतावनी
Feb 26, 2026 | 01:28 PM














