- Hindi News »
- India »
- Birth Anniversary Special Journey From Bihar To Total Revolution Know Story Of Jp Not Become Old Yet
जयंती विशेष : बिहार से संपूर्ण क्रांति तक का सफर, जानिए जेपी की कहानी, जो अभी तक नहीं हुई है पुरानी
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
लोकनायक जय प्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और लोकतंत्र के रक्षक थे। उनके जीवन और संघर्ष ने राजनीति को नैतिकता और समाजहित से जोड़ा। उनके विचार और नेतृत्व आज भी हमारे समाज और राजनीति के लिए प्रासंगिक हैं।

Jai Prakash Narayan | Social Media
नवभारत डेस्क : जय प्रकाश नारायण, जिन्हें पूरे देश में लोकनायक कहा जाता है, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और बाद की राजनीति के एक ऐसे नायक थे, जिन्होंने समाज और सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने की मिसाल पेश की। उनका जीवन समाज सेवा, राष्ट्रहित, और सामूहिक कल्याण के प्रति समर्पित रहा। 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सिताबदियारा में जन्मे जय प्रकाश नारायण भारतीय राजनीति के उन चेहरों में से एक हैं, जिनकी विचारधारा ने देश की दिशा और दशा दोनों को बदलने में अहम भूमिका निभाई।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
जय प्रकाश नारायण का प्रारंभिक जीवन साधारण भारतीय परिवार में बीता। अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद, वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए, जहां उन्होंने मार्क्सवाद और समाजवाद का गहन अध्ययन किया। अमेरिका में उन्होंने कार्ल मार्क्स और लेनिन के सिद्धांतों से प्रभावित होकर समाजवादी विचारधारा को अपनाया। लेकिन बाद में, जब वे महात्मा गांधी के संपर्क में आए, तो उन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह को अपना आदर्श बना लिया।
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान
जय प्रकाश नारायण ने 1929 में भारत लौटने के बाद कांग्रेस पार्टी से जुड़कर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई। 1932 में उन्हें ‘नमक सत्याग्रह’ के दौरान गिरफ्तार किया गया और जेल भेजा गया। जेल से रिहा होने के बाद, उन्होंने कांग्रेस के भीतर समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाया और ‘कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी’ की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्बंधित ख़बरें
टिपेश्वर अभयारण्य में शिकार को लेकर भिड़े बाघिन और तेंदुआ, “डेज़ी” बाघिन के हमले में 4 वर्षीय तेंदुए की मौत
नागपुर: कपड़ों के शोरूम में लगी भीषण आग, इलाके में मची अफरा-तफरी; 7 दमकल गाड़ियां मौके पर घंटों बाद पाया काबू
गर्मी से राहत की उम्मीद, मौसम विभाग ने मुंबई-ठाणे के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया
दिल्ली के 150 बहुमंजिला मकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, हिंसा की आशंका के बीच पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता के लिए सशस्त्र संघर्ष की भी वकालत की। 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान जय प्रकाश नारायण की भूमिका काफी महत्वपूर्ण थी। वे ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आंदोलन को संगठित करने और क्रांतिकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए चर्चित थे। इसी के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
राजनीतिक जीवन और ‘सम्पूर्ण क्रांति’
स्वतंत्रता के बाद, जय प्रकाश नारायण ने सक्रिय राजनीति छोड़ दी, लेकिन जब देश में असमानता, भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ आवाज़ उठाने की जरूरत पड़ी, तो वे पुनः राजनीति में सक्रिय हुए। 1974 में उन्होंने ‘सम्पूर्ण क्रांति’ का आह्वान किया। यह आंदोलन भ्रष्टाचार, निरंकुशता, और सरकारी दमन के खिलाफ था, जिसने देश में व्यापक जनांदोलन की शुरुआत की।
1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की, तो जय प्रकाश नारायण ने इसका पुरजोर विरोध किया। वे लोकतंत्र के पक्षधर थे और उन्होंने सत्ता की निरंकुशता के खिलाफ जनांदोलन का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में पूरे देश में इंदिरा सरकार के खिलाफ एक बड़े जनांदोलन की शुरुआत हुई, जो 1977 में आपातकाल की समाप्ति और जनसंघ की जीत का कारण बना।
जय प्रकाश नारायण की विरासत
जय प्रकाश नारायण को भारतीय राजनीति में एक अनोखे स्थान पर रखा जाता है। उन्होंने सत्ता के मोह से दूर रहकर केवल देश और समाज की सेवा को अपना धर्म माना। वे सच्चे अर्थों में ‘लोकनायक’ थे, जो जनसमर्थन और सच्चाई के प्रतीक बने। 8 अक्टूबर 1979 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके विचार और उनकी क्रांतिकारी सोच आज भी प्रासंगिक हैं।
जय प्रकाश नारायण का जीवन हमें सिखाता है कि सच्चे नेता वही होते हैं, जो व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्र और समाज के हित में काम करें। उनका जीवन, विचारधारा और संघर्ष आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनकी ‘सम्पूर्ण क्रांति’ की परिकल्पना भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आज भी हमारा मार्गदर्शन करती है।
ये भी पढ़ें – पुण्यतिथि विशेष : बिहार से संपूर्ण क्रांति तक का सफर, आजादी के बाद पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनाने में निभाई अहम भूमिका
Birth anniversary special journey from bihar to total revolution know story of jp not become old yet
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
टिपेश्वर अभयारण्य में शिकार को लेकर भिड़े बाघिन और तेंदुआ, “डेज़ी” बाघिन के हमले में 4 वर्षीय तेंदुए की मौत
May 31, 2026 | 09:43 AMनागपुर: कपड़ों के शोरूम में लगी भीषण आग, इलाके में मची अफरा-तफरी; 7 दमकल गाड़ियां मौके पर घंटों बाद पाया काबू
May 31, 2026 | 09:42 AMगर्मी से राहत की उम्मीद, मौसम विभाग ने मुंबई-ठाणे के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया
May 31, 2026 | 09:35 AMदिल्ली के 150 बहुमंजिला मकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, हिंसा की आशंका के बीच पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
May 31, 2026 | 09:35 AMनागपुर से पुणे तक फैले ई-सिगरेट रैकेट पर क्राइम ब्रांच का बड़ा वार, 16 लाख की सामग्री जब्त
May 31, 2026 | 09:29 AM28 साल का शासन, पर एक को भी नहीं दी सजा-ए-मौत! 18वीं सदी में अहिल्याबाई होल्कर ने ऐसे कायम किया ‘रामराज्य’
May 31, 2026 | 09:26 AMChand Mera Dil BO Collection: क्या दर्शकों को पसंद आ रही है अनन्या-लक्ष्य की लव स्टोरी? जानें अबतक की कुल कमाई
May 31, 2026 | 09:25 AMवीडियो गैलरी

मैच में ऐसा क्या हुआ कि फिक्सिंग-फिक्सिंग चिल्लाने लगे फैंस? सूर्यवंशी की टीम की हार के पीछे की सच्चाई- VIDEO
May 30, 2026 | 10:38 PM
क्या बंद होने वाले हैं कागज के ये नोट? जानिए 1 जून से बदलने वाले 5 बड़े नियम! Video
May 30, 2026 | 05:04 PM
हड़प्पाकालीन पशुपति सील पर अमेरिकी इतिहासकार के दावे पर भड़के भारतीय संत, दिया करारा जवाब, देखें VIDEO
May 30, 2026 | 01:45 PM
सूफियों की वजह से आतंकवाद… मौलाना शहाबुद्दीन का बड़ा बयान, बांग्लादेशी प्रवासियों पर सरकार से की बड़ी अपील
May 30, 2026 | 01:31 PM
15 साल में बंगाल का सत्यानाश…मंत्री दिलीप घोष का फूटा गुस्सा, बोले- नेता-मंत्री-अधिकारी सभी धोखेबाज- VIDEO
May 30, 2026 | 01:19 PM
अब डॉलर पर होगी डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर, जानें किस नोट पर होंगे हस्ताक्षर और क्या कहता है कानून- VIDEO
May 30, 2026 | 11:34 AM










