जालना में बिना FSSAI लाइसेंस नहीं चलेगा खाद्य कारोबार, खाद्य मिलावट पर जीरो टॉलरेंस; दोषियों पर सख्त कार्रवाई

Food Adulteration Action: जालना में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने स्पष्ट किया कि बिना FSSAI लाइसेंस खाद्य विक्रय नहीं चलेगा व मिलावट पर कड़ी कार्रवाई होगी।
No food business will be allowed to operate in Jalna without an FSSAI license; zero tolerance for food adulteration; strict action will be taken against offenders.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया AI )
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Safe and Nutritious Food: जालना जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने कहा कि जिले में सभी खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य पदार्थों में मिलावट पर सख्ती से रोक लगाना जरूरी है।

नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा व खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी दबाव में आए बिना कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित 'सुरक्षित भोजन एवं पोषण आहार जिला स्तरीय समिति' की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थीं।

जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही माफ नहीं

जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी गहिनीनाथ कापसे, खाद्य व औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त निखिल कुलकर्णी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रशांत अजिंठेकर, प्रज्ञा सुरसे, अश्विनी तांबे, विनोद ओसावार, अनुजा नगराले, स्वास्थ्य, पुलिस व महिला व बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिलाधिकारी ने मित्तल ने खाद्य व औषधि प्रशासन के अधिकारियों को महज कागजी कार्यवाही तक सीमित न रहते हुए मैदानी स्तर पर नियमित व प्रभावी जांच करने के सख्त निर्देश दिए।

उन्होंने जिले के होटल, डेयरी, मिठाई की दुकानों, अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के लिए कहा। चेताया कि यदि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मिड डे मिल में दे अच्छा भोजनडीएम ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। शालेय पोषण आहार योजना के अंतर्गत वितरित भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच अनिवार्य रूप से करने कहा गया।

10 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी

बैठक में खाद्य व औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त निखिल कुलकर्णी ने कहा कि 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 के दौरान 14 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिनमें अनियमितताएं पाए जाने पर 10 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किया गया है। जिले में वर्तमान स्थिति में 1,832 लाइसेंसधारी व 9,878 पंजीकृत खाद्य प्रतिष्ठान कार्यरत हैं।

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