बिलावल भुट्टो का विलाप, कहा- भारत सहयोग करे तो आतंकी हाफिज-मसूद को सौंप देंगे
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिलावल भुट्टो के सुर बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत अगर सहयोग करे तो आतंकी मसूद अजहर और हाफिज सईद को प्रत्यर्पित करने को तैयार हैं, लेकिन नई दिल्ली सहयोग नहीं कर रही है।
- Written By: Saurabh Pal
बिलावल भुट्टो, मसूद अजहर (फोटो-सोशल मीडिया)
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा है कि उनके देश को विश्वास बहाली के उपाय के रूप में ‘जांच के दायरे में आए व्यक्तियों’ को भारत को प्रत्यर्पित करने में कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते नई दिल्ली इस प्रक्रिया में सहयोग करने की इच्छा दिखाए।
‘डॉन अखबार’ की खबर के अनुसार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल ने शुक्रवार को अल जजीरा के साथ एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की। खबर में कहा गया कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) प्रमुख हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख मसूद अजहर को संभावित समझौते और सद्भावनापूर्ण रुख के तहत भारत को प्रत्यर्पित करने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए बिलावल ने यह टिप्पणी की।
कहां है हाफिज और मसूद?
सम्बंधित ख़बरें
Sheikh Hasina Return Bangladesh: मौत की सजा और गिरफ्तारी के खतरे के बावजूद दिसंबर तक बांग्लादेश लौटेंगी हसीना
Ex Agniveer Agnipath Recruitment: CAPF में पूर्व अग्निवीरों के लिए 50% पद आरक्षित, आयु सीमा में भी छूट का ऐलान
एक व्यक्ति भी जीवित बचा तब भी… पाक सेना की गोलीबारी के बीच JAAC का बड़ा ऐलान, 48 घंटे में 31 की मौत
तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में अब मिलेगी चिकन बिरयानी? मिड-डे मील को लेकर सरकार का बड़ा प्लान
बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान के साथ एक व्यापक वार्ता के हिस्से के रूप में, जहां आतंकवाद उन मुद्दों में से एक है जिन पर हम चर्चा करते हैं। मुझे यकीन है कि पाकिस्तान इनमें से किसी भी चीज का विरोध नहीं करेगा। राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक प्राधिकरण (नैक्टा) के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद दोनों को पाकिस्तान ने प्रतिबंधित कर रखा है, जबकि 26/11 मुंबई आतंकी हमले का मुख्य षड्यंत्रकारी हाफिज सईद वर्तमान में आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए 33 साल की सजा काट रहा है। इसी तरह संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित अजहर को भी नैक्टा ने प्रतिबंधित कर रखा है।
आतंकियों को सजा देने के लिए भारत को रखना होगा अपना पक्ष
बिलावल ने कहा कि इन ‘व्यक्तियों’ के खिलाफ मुकदमे वाले मामले पाकिस्तान से संबंधित थे, जैसे कि आतंकवादी गतिविधियों का वित्तपोषण। हालांकि, उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के लिए उन पर मुकदमा चलाना मुश्किल था, क्योंकि दिल्ली की ओर से बुनियादी चीजों का ‘अनुपालन’ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भारत कुछ बुनियादी चीजों का पालन करने से इनकार कर रहा है, जिसकी दोषसिद्धि के लिए आवश्यकता होती है। यह महत्वपूर्ण है। इन अदालतों में सबूत पेश करना, लोगों को भारत से गवाही देने के लिए आना, जो भी जवाबी आरोप लगेंगे उन्हें सहन करना।
PM मोदी की ब्राजील राजकीय यात्रा: 57 साल बाद ऐतिहासिक दौरा, आतंकवाद रोधी…
बिलावल बोले- भारत को प्रक्रिया में सहयोग करना होगा
बिलावल ने कहा, ‘‘अगर भारत इस प्रक्रिया में सहयोग करने को तैयार है, तो मुझे यकीन है कि किसी भी ‘जांच के दायरे में आए व्यक्ति ‘को प्रत्यर्पित करने में कोई बाधा नहीं आएगी।” उन्होंने आतंकवादियों को पकड़ने के भारत के संकल्प पर भी चिंता व्यक्त की और इसे ‘नयी असामान्यता’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह पाकिस्तान के हितों की पूर्ति नहीं करता है, और यह भारत के हितों की भी पूर्ति नहीं करता है।” सईद और अजहर के ठिकानों के बारे में पूछे जाने पर बिलावल ने कहा कि सईद जेल में है, जबकि इस्लामाबाद का मानना है कि अजहर अफगानिस्तान में है।
-एजेंसी इनपुट के साथ
