Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बढ़ा बवाल, मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले में SIT जांच की मांग की है।
- Written By: दिव्या सिंह
अयोध्या राम मंदिर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ayodhya Ram Mandir Donation Row Case: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित चोरी और अनियमितताओं का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। अधिवक्ता अनूप अवस्थी ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने और अदालत की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। याचिका में एफआईआर दर्ज करने तथा जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए न्यायिक निगरानी में जांच के निर्देश देने की भी मांग की गई है।
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने मौखिक उल्लेख (Oral Mentioning) से बचने की सलाह देते हुए कहा कि संबंधित पक्ष लिखित अनुरोध प्रस्तुत करें, जिसके बाद मामले की आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।
यूपी सरकार ने गठित की SIT
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन की घोषणा की। अधिकारियों के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया। SIT में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजय विश्वास पंत, आईपीएस अधिकारी किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। यह समिति दानपात्रों और दान राशि से जुड़े आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
सम्बंधित ख़बरें
राम मंदिर दान पात्र विवाद में बड़ा एक्शन! SIT गठन का संत समाज ने किया स्वागत, बोले- अब खुलेगा हर राज
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 3 सदस्यीय SIT गठित, कमिश्नर-IG को जांच की कमान, 15 दिन में सच आएगा सामने
राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा खुलासा! चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारी के घर से मिले 12 लाख रुपये, मचा हड़कंप
राम मंदिर दान चोरी विवाद में सबसे बड़ी खबर! ट्रस्ट ने खुद CM योगी से की SIT जांच की मांग, सामने आएगा सच?
सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही चर्चाओं और आरोपों को देखते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
नृपेंद्र मिश्रा ने दी सफाई
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने दान राशि से जुड़े आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल मंदिर निर्माण कार्यों की निगरानी तक सीमित है। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ निर्माण कार्य देखता हूं। मेरा कार्य मंदिर निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना है।”
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि को लेकर लगाए गए आरोपों की गंभीर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि धार्मिक आस्था से जुड़े किसी मामले में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि राम मंदिर को लेकर भ्रम और अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही है।
ये भी पढ़ें- राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा खुलासा! चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारी के घर से मिले 12 लाख रुपये, मचा हड़कंप
मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। SIT की जांच और संभावित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में सभी पक्षों की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
