संसद में राम मंदिर चंदा चोरी के विरोध पर भड़का संत समाज, राहुल गांधी और पप्पू यादव पर फूटा गुस्सा! देखें VIDEO
Jagatguru Paramhans Acharya Statement: संसद भवन परिसर में राम मंदिर चंदा चोरी के विरोध पर भड़का संत समाज, पप्पू यादव और राहुल गांधी के खिलाफ काशी में FIR दर्ज, संतों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Sant Samaj On Pappu Yadav Parliament Protest: संसद भवन परिसर में राम मंदिर चंदा चोरी के विरोध प्रदर्शन के दौरान सनातन धर्म और भगवान श्री राम के अपमान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी सांसदों के इस आचरण को संत समाज ने पूरी तरह से अक्षम्य और दंडनीय करार दिया है। नवभारत लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, काशी में साधु-संतों द्वारा राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
अयोध्या के तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कड़े शब्दों में इन नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि सर्वोच्च अदालत द्वारा एसआईटी जांच बैठाए जाने के बावजूद इस तरह का घिनौना कृत्य करना न्यायपालिका और सनातन संस्कृति के प्रति गहरी अनादर भावना को दर्शाता है। संतों ने चेतावनी दी है कि ऐसे अराजक तत्वों को देश कभी माफ नहीं करेगा और इनके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।
Sant Samaj On Pappu Yadav Parliament Protest: संसद भवन परिसर में राम मंदिर चंदा चोरी के विरोध प्रदर्शन के दौरान सनातन धर्म और भगवान श्री राम के अपमान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी सांसदों के इस आचरण को संत समाज ने पूरी तरह से अक्षम्य और दंडनीय करार दिया है। नवभारत लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, काशी में साधु-संतों द्वारा राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
अयोध्या के तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कड़े शब्दों में इन नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि सर्वोच्च अदालत द्वारा एसआईटी जांच बैठाए जाने के बावजूद इस तरह का घिनौना कृत्य करना न्यायपालिका और सनातन संस्कृति के प्रति गहरी अनादर भावना को दर्शाता है। संतों ने चेतावनी दी है कि ऐसे अराजक तत्वों को देश कभी माफ नहीं करेगा और इनके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।
