-
गुरु, 9 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- India »
- After Independence Caste Census Changed Huge Discrepancy In 2011 Secc Data
Caste Census: आजादी मिली और बदल गई जातिगत जनगणना, 2011 के आंकड़ों में हुई थी भारी गड़बड़ी
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
देश को आजादी मिलने के बाद सबसे पहले साल 1951 में जातिगत जनगणना कराया गया था। 1951 के जातिगत जनगणना को केवल अनुसूचित जातियों (SC) और जनजातियों (ST) तक सीमित कर दिया गया।

कॉन्सेप्ट फोटो, डिजाइन - नवभारत
नवभारत डिजिटल डेस्क : मौजूदा समय में जातिगत जनगणना को लेकर हर तरफ चर्चाएं तेज हो गई हैं। जातिगत जनगणना का विषय इन दिनों स्पॉटलाइट बना हुआ है। जातिगत जनगणना को लेकर सियासी खिचड़ी पकनी शुरू हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस साल के अंत में बिहार विधानसभा चुनाव होना है। इसके बाद बंगाल, असम, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव होने हैं।
पर जातिगत जनगणना का लॉन्ग टर्म में क्या असर पड़ेगा ये तो कास्ट सेंसस कराने के बाद ही पता चलेगा। पर आज के इस लेख में जानेंगे कि आजादी मिलने के बात जातिगत जनगणना का ट्रेंड कैसे बदला। इसके साथ ही यह भी जानेंगे कि आखिरी जातिगत जनगणना के आंकड़ों में क्या कुछ गड़बड़ी हुई थी, तो इसके लिए पढ़ते जाएं इस आर्टिकल को अंत तक।
आजादी के पहले आखिरी जातिगत जनगणना साल 1931 में कारई गई थी। उस वक्त संयुक्त हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा आबादी हिंदुओं की थी। वर्ष 1931 में कुल 35.2 करोड़ की आबादी में 22 करोड़ 44 लाख हिंदू थे। ये हिंदुओं का आंकड़ा कुल आबादी का लगभग 65 प्रतिशत था। वहीं मुसलमानों की आबादी की बात करें, तो 3 करोड़ 58 लाख था, जो कुल आबादी का 10 प्रतिशत ही था।
सम्बंधित ख़बरें
PM Modi Australia Visit: ऑस्ट्रेलिया पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, दोनो देशों के संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
अगर राजनीति में नहीं तो… कहां होते सिंधिया, नवभारत कॉन्क्लेव में खुद बताया, इस शख्स ने किया प्रभावित
क्या है PM मोदी का अष्टलक्ष्मी प्लान? सिंधिया ने बताई पूरी योजना, कहा- भारत के नए ग्रोथ इंजन बनेंगे ये राज्य
UPI से खरीद सकते हैं एफिल टावर का टिकट… ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- अमेरिका से आगे निकला भारत
आजादी मिली और कास्ट सेंसस का बदल गया ट्रेंड
देश को आजादी मिलने के बाद सबसे पहले साल 1951 में जातिगत जनगणना कराया गया था। 1951 के जातिगत जनगणना को केवल अनुसूचित जातियों (SC) और जनजातियों (ST) तक सीमित कर दिया गया। अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC और सामान्य वर्ग की जातियों की गिनती बंद कर दी गई। तब से यही व्यवस्था आगे की जनगणनाओं में भी जारी रखी गई।
SECC हुआ पर आंकड़े सार्वजनिक नहीं हुए
कॉन्सेप्ट फोटो, डिजाइन – नवभारत
साल 2010 में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने लोकसभा में आश्वासन दिया था कि जातिगत जनगणना पर कैबिनेट में विचार किया जाएगा। इसके बाद सरकार ने SECC यानी Socio Economic and Caste Census के नाम से वर्ष 2011 कास्ट सेंसस कराने का काम किया था। 2011 में यूपीए सरकार के दौर में पहली बार सामाजिक-आर्थिक जातिगत सर्वे कराया गया था। ध्यान देने वाली बात यह रही कि इसके आंकड़े बाहर नहीं आए। उस समय लालू प्रसाद यादव और मुलायम सिंह यादव ने जातिगत जनगणना कराने की मांग उठाई थी।
देश की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
2011 के कास्ट सेंसस में सुप्रीम कोर्ट ने निकाली थी गड़बड़ियां
2011 के कास्ट सेंसस के आकंड़ों में बड़ी गड़बडी पाई गई थी। साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा था कि 2011 के आंकड़ों में काफी गड़बड़ियां हैं। डेटा कलेक्शन में अनेक प्रकार की त्रुटियां और डुप्लिकेशन की शिकायतें थीं। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र में जहां SC, ST और OBC मिलाकर 494 जातियां हैं, वहां SECC 2011 के डेटा में 4,28,677 जातियां बताई गई थी।
After independence caste census changed huge discrepancy in 2011 secc data
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 09 July 2026: गुरुवार को मेष, सिंह और मकर को सफलता के योग, जानें सभी 12 राशियों का राशिफल
Jul 09, 2026 | 12:15 AMगौरव खन्ना को सामने देखकर इमोशनल हुईं आकांक्षा चमोला, अलगाव के खुलासे के बाद पहली बार हुए आमने-सामने
Jul 08, 2026 | 11:52 PMबुरहानपुर के इस गांव में ‘बेटी पढ़ाओ’ का नारा फेल! इस डर से नहीं जा रहीं बेटियां हाईस्कूल; जानें पूरा मामला
Jul 08, 2026 | 11:38 PMहेमा मालिनी ने फीस को लेकर तोड़ी चुप्पी, कहा- उस दौर में बहुत कम पैसे मिलते थे, लेकिन काम ही सबसे बड़ी कमाई था
Jul 08, 2026 | 11:20 PMअल नीनो की चुनौती पर सरकार अलर्ट; शिवराज सिंह चौहान हर हफ्ते कर रहे हाई-लेवल मॉनिटरिंग
Jul 08, 2026 | 11:18 PMRam Mandir Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 13 जुलाई को हो सकती है सुनवाई
Jul 08, 2026 | 11:10 PM‘द अलायंस’ में एक्स वाइफ सीमा सजदेह की एंट्री पर भावुक हुए सोहेल खान, बोले- शादी में जो भी गलती हुई…
Jul 08, 2026 | 10:58 PMवीडियो गैलरी

Agra School Teacher: स्कूल में नशे में मिला शिक्षक, VIDEO वायरल होते ही BSA का बड़ा एक्शन
Jul 08, 2026 | 10:46 PM
Agra Rain: पहली बारिश में डूबा वीवीआईपी रोड, सांसद के घर के बाहर जलभराव, खुली प्रशासन की पोल | देखें VIDEO
Jul 08, 2026 | 10:34 PM
Nitin Gadkari: बेटे की कंपनी पर उठे सवालों का दिया कड़ा जवाब, बोले- झूठे प्रचार से नहीं डरता | देखें VIDEO
Jul 08, 2026 | 09:19 PM
Nagpur Robbery: चाकू की नोक पर कार में सवार परिवार से लूट, बच्ची ने मोबाइल में रिकॉर्ड की पूरी वारदात | देखें
Jul 08, 2026 | 08:48 PM
लखनऊ-दिल्ली अग्निकांड के बाद MDA की सख्त कार्रवाई, शहर के कई कोचिंग सेंटरों को किया सील- VIDEO
Jul 08, 2026 | 01:48 PM
नितिन नबीन की ‘हॉट सीट’ पर BJP का बड़ा दांव! 26 साल तक जमीनी काम करने वाले इस कार्यकर्ता को दिया टिकट
Jul 08, 2026 | 12:37 PM














