सांरकेतिक तस्वीर (Image- IANS)
Today Weather: ठंड अब विदाई की ओर है और गर्मी धीरे-धीरे दस्तक देने लगी है। देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है। उत्तर भारत में तापमान बढ़ने से हल्की गर्माहट महसूस होने लगी है, राजधानी दिल्ली से लेकर पटना तक पारा चढ़ रहा है।
इस बीच बंगाल की खाड़ी में बन रहा मजबूत सिस्टम आज ‘महा-गर्जना’ का रूप ले सकता है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। दक्षिण भारत से शुरू होकर यह सिस्टम मध्य और पूर्वी भारत की ओर बढ़ेगा।
अगले 16 से 48 घंटों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु, केरल, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, ओडिशा और कर्नाटक में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल मौसम साफ और शुष्क रहेगा। अगले 24–48 घंटे तक बारिश की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान करीब 27°C और न्यूनतम 13°C रह सकता है। तेज हवाओं से वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
उत्तर प्रदेश में मौसम साफ रहेगा, लेकिन सुबह कई जिलों में घना कोहरा छा सकता है। उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी संभव है।
दिन में धूप से तापमान बढ़ेगा, जबकि सुबह-शाम ठंड बनी रहेगी। लोगों को अभी गर्म कपड़े पूरी तरह हटाने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम शुष्क रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। दिन में धूप तेज रहेगी, जिससे हल्की गर्मी महसूस हो सकती है।
22-23 फरवरी को बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर सकती है, जिससे तापमान 2–3 डिग्री तक गिर सकता है।
दोनों राज्यों में मौसम साफ रहेगा, लेकिन दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। फरवरी के अंत तक गर्मी का असर बढ़ सकता है।
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तमिलनाडु के कई हिस्सों में 21 फरवरी से भारी बारिश का अनुमान है। चेन्नई और दक्षिणी तटीय जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
Ans: आईएमडी के अनुसार यह मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम है, जो भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ा सकता है खासकर दक्षिण और तटीय इलाकों में।
Ans: तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में असर ज्यादा रहेगा। हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी दोनों संभव हैं।
Ans: फसल कटाई और सिंचाई से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें। तेज हवाएं और बारिश खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
Ans: पश्चिम और मध्य भारत में तापमान बढ़ने के संकेत हैं। फरवरी के अंत तक कई इलाकों में गर्मी का असर साफ महसूस हो सकता है।