माल्या-नीरव जैसे भगोड़ों को भारत लाने की तैयारी तेज, ब्रिटेन की टीम ने तिहाड़ जेल का किया निरीक्षण
Tihar Jail: नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे भगोड़ों को भारत लाने की कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस की टीम ने तिहाड़ जेल का निरीक्षण किया है।
- Written By: पूजा सिंह
विजय माल्या और नीरव मोदी (सौजन्य सोशल मीडिया)
The British Team Inspected Tihar Jail: भारत में करोड़ों का घोटाला कर ब्रिटने या अन्य देशों में छिपे हुए आर्थिक अपराधियों और फरारों को वापस लाने की दिशा में भारत सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। इस कड़ी में ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) की टीम ने हाल ही में दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल का दौरा किया था।
यह दौरा इस नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे भगोड़ों को भारत लाने की कोशिशों को अमली जामा पहनाने के लिए किया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस टीम ने यह दौरा जुलाई में किया था। जिसमें ब्रिटेन से आए पांच मेंबर्स शामिल थे। बताया जा रहा है कि यह दौरा इस लिए किया गया कि, ब्रिटेन की अदालतों को यह बताया जा सके कि भारत में प्रत्यर्पित किए गए आरोपियों को तिहाड़ जेल में सुरक्षित और बेहतर माहौल मिलेगा।
टीम ने हाई-सिक्योरिटी वार्ड का किया निरीक्षण
जानकारी के अनुसार, ब्रिटिश टीम तिहाड़ की हाई-सिक्योरिटी वार्ड तक गई और वहां मौजूद कैदियों से भी बातचीत की। इस दौरान जेल अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रत्यर्पण के बाद अगर किसी हाई-प्रोफाइल आरोपी को यहां रखा जाता है तो उसके लिए जेल परिसर में एक विशेष एन्क्लेव भी तैयार किया जा सकता है, जहां उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का खास ख्याल रखा जाएगा।
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भारत ने ब्रिटिश एजेंसी को दिया सिक्योरिटी का भरोसा
गौरतलब है कि हाल ही में ब्रिटेन की अदालतों ने तिहाड़ जेल की स्थिति को लेकर भारत की कई प्रत्यर्पण याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अदालतों में यह तर्क दिया गया था कि भारत में प्रत्यर्पित किए जाने वाले आरोपियों के साथ जेल में दुर्व्यवहार या गैरकानूनी पूछताछ हो सकती है। इसी संदर्भ में यह दौरा आयोजित किया गया ताकि ब्रिटेन को भरोसा दिलाया जा सके कि तिहाड़ जेल में न तो किसी आरोपी के साथ मारपीट होगी और न ही गैरकानूनी पूछताछ की जाएगी।
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विभिन्न देशों में भारत के कुल 178 प्रत्यर्पण अनुरोध लंबित
बता दें कि इस समय भारत के कुल 178 प्रत्यर्पण अनुरोध विभिन्न देशों में लंबित हैं, जिनमें से करीब 20 मामले केवल ब्रिटेन में अटके हुए हैं। इन मामलों में विजय माल्या और नीरव मोदी के अलावा हथियार कारोबारी संजय भंडारी और कई खालिस्तानी नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
