बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और गृह मंत्री अमित शाह। इमेज-सोशल मीडिया
Nitin Nabin BJP President: बीजेपी बहुत जल्द नई नवेली दिख सकती है। पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसकी शुरुआत बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के औपचारिक रूप से पार्टी अध्यक्ष चुने जाने से होगी। यह प्रक्रिया इसी महीने के मध्य तक पूरी होने की उम्मीद है।
45 वर्षीय नितिन नबीन जनवरी राष्ट्रीय पद संभाल रहे जेपी नड्डा की जगह लेंगे। तय प्रक्रिया के तहत पहले उनके अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होंगे। उसके बाद पार्टी की राष्ट्रीय परिषद से उनकी नियुक्ति को मंजूरी मिलेगी। इस परिषद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के कई शीर्ष नेता हैं। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस पर औपचारिक मुहर लग जाएगी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद नितिन नबीन संगठन में बड़े बदलाव कर सकते हैं। वो नई टीम बना सकते हैं। रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह बदलाव समावेशी होंगे। बीजेपी और संघ परिवार के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय को दर्शाएंगे। एक नेता के अनुसार नए अध्यक्ष की टीम इस तरह बनाई जाएगी कि संगठन और विचारधारा दोनों स्तरों पर बेहतर तालमेल बन सकें।
पार्टी में बड़े बदलाव का असर केंद्र सरकार पर भी पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इसके कारण केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल हो सकता है। दरअसल, जून 2024 में सरकार बनने के बाद से अब तक मंत्रिमंडल में बदलाव नहीं किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा कर रही है। जल्द कैबिनेट में बदलाव की संभावना है। इसमें युवा और दूसरी पंक्ति के नेताओं को मौका दिया जा सकता है। जाट समुदाय को भी अधिक प्रतिनिधित्व देने पर विचार चल रहा है, क्योंकि सरकार और संगठन में उनकी भागीदारी कम मानी जा रही है।
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नितिन नबीन पहले ही बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच बेहतर संबंध और समन्वय बढ़ाने की दिशा में काम शुरू कर चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी और आरएसएस मिलकर पार्टी शासित राज्यों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। संगठन, सरकार या अर्ध-सरकारी संस्थाओं में नई नियुक्तियों पर चर्चा करेंगे। इसमें आयोगों और संस्थानों के पद भी शामिल होंगे। इससे कई वरिष्ठ राज्यस्तरीय बीजेपी नेताओं को केंद्र में संगठनात्मक या सरकारी भूमिकाएं मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। खासकर उनको, जो लंबे समय से संघ परिवार से जुड़े हैं।
नेताओं का कहना है कि उन राज्यों पर भी नजर है, जहां आने वाले महीनों में चुनाव होने हैं। जैसे-पश्चिम बंगाल, असम, केरल और उत्तर प्रदेश। रिपोर्ट के अनुसार हाल की समन्वय बैठकों में आरएसएस ने यह बात जोर देकर कही कि ऐसे नेताओं की पहचान की जाए, जो तीन से चार दशकों से संघ परिवार से जुड़े हैं, लेकिन अब तक संगठन, सरकार या किसी सार्वजनिक संस्था में उचित भूमिका नहीं पाए हैं। नितिन नबीन उन वरिष्ठ नेताओं के समूह में शामिल हैं, जो इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय कर रहे हैं। अधिकतर अहम नियुक्तियां मकर संक्रांति के बाद और फरवरी की शुरुआत में शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले की जा सकती हैं।