हिमाचल सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला,अब बदले तरीके से होगी पंचायत प्रधानों की शपथ
Himachal Pradesh Government Decision: हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायत प्रधान और उपप्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। जानिए कैबिनेट ने क्या निर्णय लिया है?
- Written By: वंदना शर्मा
हर्षवर्धन चौहान (सोर्स सोशल मीडिया)
Himachal Panchayat Oath Ceremony: हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायत प्रधान और उपप्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि अब पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों की शपथ जिला स्तर पर ही दिलाई जाएगी।
यह कार्यक्रम 15 जून को आयोजित किया जाएगा और अलग-अलग जिलों में मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री स्वयं कांगड़ा जिले के धर्मशाला में शपथ दिलाएंगे, जबकि अन्य जिलों में अन्य मंत्री यह कार्य करेंगे।
आर्थिक खर्च भी अधिक लगता था
पहले शपथ ग्रहण समारोह उपमंडल या अन्य स्तरों पर आयोजित किए जाते थे। जिससे कई तरह की दिक्कतें सामने आती थीं। दूर-दराज के क्षेत्रों जैसे किन्नौर, भरमौर और लाहौल-स्पीति से पंचायत प्रतिनिधियों को शिमला या अन्य दूरस्थ स्थानों तक आना पड़ता था। जिसमें समय भी अधिक लगता था और आर्थिक खर्च भी बढ़ता था।उन्होंने उद्धरण देते हुए यह भी कहा कि कई बार पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एक-एक दिन यात्रा में ही लग जाता था।
सम्बंधित ख़बरें
World Food Safety Day: खराब खाना बन सकता है गंभीर बीमारियों की वजह, जानिए फूड सेफ्टी के जरूरी नियम
हर थाली में सुरक्षित भोजन का संकल्प, जानिए World Food Safety Day 2026 का थीम और इतिहास
भारत-बांग्लादेश सीमा पर ड्रग्स-हथियारों के खिलाफ एक्शन मोड में अमित शाह, जागरूकता शिविर के निर्देश
‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर’ अभियान का बड़ा असर, दो ड्रग तस्करों की करोड़ों की संपत्ति कुर्क
प्रतिनिधियों को मिलेगी बड़ी राहत
जिससे कुल मिलाकर दो से तीन दिन का समय और संसाधन खर्च हो जाते थे। इसके अलावा ठहरने और यात्रा का अतिरिक्त खर्च भी सरकार पर भार डालता था। इन असुविधाओं के कारण कई चुने हुए प्रतिनिधि समारोह में शामिल भी नहीं हो पाते थे।
शपथ ग्रहण समारोह आयोजित
हर्षवर्धन चौहान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाना है। इसी कारण यह निर्णय लिया गया है। अब जिला स्तर पर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाएं, ताकि सभी प्रतिनिधि आसानी से भाग ले सकें और किसी को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
पंचायती राज अधिनियम का प्रावधान
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शपथ दिलाने को लेकर कोई सख्त कानूनी बनाने की बाध्यता नहीं है। इसे केवल किसी विशेष स्तर पर ही कराया जाए। पंचायती राज अधिनियम में यह प्रावधान नहीं है कि शपथ कौन दिलाएगा, इसलिए सरकार अपने प्रशासनिक निर्णय के आधार पर यह व्यवस्था तय कर सकती है। इस प्रक्रिया में जिला स्तर पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त की मौजूदगी भी रहेगी।
प्रशासनिक सुविधा और संसाधनों का उपयोग
मंत्री ने कहा कि सरकार का मंत्री स्वयं एक हिस्सा होते हैं। इसलिए वे शपथ दिलाने की प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। यह पूरी व्यवस्था प्रशासनिक सुविधा, पारदर्शिता और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
