घटिया कोयला और शेल-मिट्टी का खेल; कोल डीलर्स एसोसिएशन ने नागपुर WCL प्रबंधन को सुनाई खरी-खोटी
Nagpur WCL Coal Quality: नागपुर में कोयला व्यापारियों ने WCL पर घटिया गुणवत्ता का कोयला आपूर्ति में कमी का आरोप लगाया है। शिकायत में कोयले में पत्थर, शेल व मिट्टी की मिलावट से भारी नुकसान की बात कही।
- Written By: अंकिता पटेल
वेकोलि, कोयला गुणवत्ता, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nagpur WCL Coal Dealers News:नागपुर वेस्टर्न कोलफील लिमिटेड (वेकोलि) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सेंट्रल इंडिया कोल डीलर्स एसोसिएशन ने वेकोलि के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) को पत्र लिखकर मकरधोकड़ा 1 और गोकुल खदानों में कोयले की भीषण कमी और निम्न गुणवत्ता को लेकर सख्त विरोध जताया है।
कोयला नहीं, पत्थर और मिट्टी मिल रही है। एसोसिएशन ने अपनी शिकायत में वेकोलि प्रबंधन को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि मकरधोकड़ा 1 और गोकुल खदानों से मिलने वाला कोयला अत्यधिक घटिया स्तर का है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयले में पत्थर, शेल और मिट्टी की भारी मिलावट है जिससे यह न केवल उपयोग के अयोग्य है बल्कि इससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
DO की समय सीमा खत्म होने का संकट
व्यापारियों का कहना है कि एक तरफ गुणवत्ता खराब है तो दूसरी तरफ खदानों में पर्याप्त कोयला ही उपलब्ध नहीं है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि कोयले की अनुपलब्धता के कारण उनके ‘डिलीवरी ऑर्डर’ की वैधता समाप्त होने की कगार पर है। यदि समय रहते कोयला नहीं उठाया गया तो व्यापारियों को भारी वित्तीय हानि होगी और उनकी आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा जाएगी।
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व्यापारियों की कड़ी मांग
- तत्काल गुणवत्ता सुधार: कोयले से अशुद्धियों (पत्थर, मिट्टी) को तुरंत हटाया जाए।
- आपूर्ति सुनिश्चित करें: खदानों में तत्काल अच्छी गुणवत्ता का कोयला उपलब्ध कराया जाए
- डीओ की वैधता बढ़ाई जाए: गुणवत्ता और उपलब्धता की समस्याओं के कारण डीओ की समय सीमा में विस्तार किया जाए।
- प्राथमिकता के आधार पर लिफ्टिंग: संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कोयला उठाने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया जाए।
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प्रमाण के तौर पर भेजे वीडियो, आंदोलन का इशारा
अपनी शिकायत को पुख्ता करने के लिए एसोसिएशन ने मकरधोकडा-1 खदान के कुछ वीडियो भी संलग्न किए हैं जिनमें वहां की लचर स्थिति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। इस गंभीर मामले पर अब WCL प्रबंधन की प्रतिक्रिया और कार्रवाई का इंतजार है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
