

Maharashtra MLC Elections Nominations Withdrawal Last Day: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर शह और मात का खेल तेज हो गया है। विधान परिषद चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) दोनों ही गठबंधनों के भीतर अंदरूनी कलह और बगावत खुलकर सामने आ गई है। कई सीटों पर टिकट न मिलने से नाराज नेताओं ने बागी होकर अपनी ही पार्टी और गठबंधन में आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ पर्चा भर दिया। इससे दोनों ही गठबंधनों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति को संभालने के लिए दोनों गठबंधनों के शीर्ष नेताओं ने बागी उम्मीदवारों से अपने नामांकन वापस लेने की पुरजोर अपील की है, ताकि आधिकारिक प्रत्याशियों की राह आसान की जा सके। महायुति को अपनी अंदरूनी कलह को कम करने और बागियों को संदेश देने के लिए संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दोबारा 17 आधिकारिक उम्मीदवारों को ऐलान करना पड़ा।
महाराष्ट्र विधान परिषद की स्थानीय स्वशासी निकायों से संबंधित 16 सीटों तथा नागपुर स्थानीय निकाय क्षेत्र की एक रिक्त सीट के लिए उपचुनाव 18 जून को होगा। मतगणना 22 जून को की जाएगी। नामांकन पत्रों की जांच दो जून को पूरी हो चुकी है, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि आज है। इन चुनावों में स्थानीय स्वशासी निकायों के निर्वाचित सदस्य निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) का हिस्सा होते हैं।
महाराष्ट्र की 17 विधान परिषद सीटों के लिए हो चुनाव में महायुति की ओर से भाजपा 11 सीटों पर, शिवसेना 4 सीटों पर और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस 8 सीटों पर, शिवसेना (यूबीटी) 6 सीटों पर और एनसीपी (शरद पवार गुट) ने तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। दोनों गठबंधनों को विभिन्न सीटों पर बगावत का सामना करना पड़ रहा है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कई दावेदारों ने पार्टी निर्देशों की अनदेखी करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है।
बागी उम्मीदवारों के मैदान में उतरने के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और नाम वापसी की समयसीमा से पहले दोनों गठबंधन अपने समर्थन आधार को मजबूत करने में जुटे हैं। महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चौहान ने कहा कि 4 जून नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों से महायुति उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि 17 सीटों के लिए हमारे आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं। जिन लोगों को टिकट वितरण को लेकर नाराजगी है, वे स्थानीय नेतृत्व से चर्चा कर समाधान निकाल सकते हैं।
दूसरी ओर, कांग्रेस के उम्मीदवार साहेबराव कोंबले ने यवतमाल स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने इसके पीछे जीत के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं होने को कारण बताया। यह फैसला एमवीए के लिए एक और झटका माना जा रहा है। इससे पहले सोलापुर से कांग्रेस उम्मीदवार आदित्य फत्तेपुरकर का नामांकन भी खारिज हो चुका है, जिसके बाद विपक्षी गठबंधन वैकल्पिक उम्मीदवार को समर्थन देने पर विचार कर रहा है।
बता दें कि नागपुर के उद्योगपति अरुण लखानी समेत कुल 39 उम्मीदवारों ने 16 विधान परिषद सीटों और नागपुर के एक उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। अब देखना यह होगी की नामांकन वापसी के अंतिम दिन कितने उम्मीदवार चुनावी मैदान से हटते हैं और कितने बचते हैं।