Endometriosis: महिलाओं में होती हैं ये फर्टिलिटी को रोकने वाली पेनफुल बीमारी, जान लीजिए इसके गंभीर लक्षण और बचाव
महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस नाम की बीमारी का पता चला है जो जिसे अगर समय रहते इलाज कर लिया जाए तो गंभीर होने से बचा जा सकता है। महिलाओं को इस बीमारी से बचने के लिए लक्षण और इलाज के बारे में जानना चाहिए।
- Written By: दीपिका पाल
महिलाओं में गंभीर बीमारी (सौ. सोशल मीडिया)
महिलाओं में ऐसी कई बीमारियां होती है जिसकी जानकारी खुद महिलाओं को गंभीर लक्षण पता चलने के बाद ही होती है। पीरियड्स, प्रेग्नेंसी तो आम है लेकिन कई बीमारियां ऐसी होती है जिसके लक्षण आम होते हैं और बीमारी गंभीर। महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस नाम की बीमारी का पता चला है जो जिसे अगर समय रहते इलाज कर लिया जाए तो गंभीर होने से बचा जा सकता है। चलिए जानते हैं इस बीमारी के बारे में…
जानिए एंडोमेट्रियोसिस नामक बीमारी के बारे में
आपको यहां पर एंडोमेट्रियोसिस नामक बीमारी की जानकारी देते चलें तो, यह महिलाओं के यूटरस यानि गर्भाशय की एक गंभीर समस्या होती है। इस प्राॅब्लम में यूटरस की परत (एंडोमेट्रियम) के समान टिश्यू यूटरस के बाहर डेवलप होना शुरू हो जाते हैं। जहां पर इन टिश्यू की परत यूटरस के साथ अन्य रिप्रोडक्टिव ऑर्गन ओवरी, फैलोपियन ट्यूब जैसे पेल्विक ऑर्गन को प्रभावित करती है. ये स्थिति काफी पेनफुल होने के साथ महिलाओं के लिए गंभीर हो सकती है। इसके अलावा महिलाओं को प्रेग्नेंट होने के लिए यहां पर गंभीर दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
जानिए एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण
आपको यहां पर एंडोमेट्रियोसिस नामक बीमारी के लक्षण के बारे में जानकारी देते चलें तो, यह काफी गंभीर होने के बाद सामने आते है।
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1- जब महिलाओं को डाइजेशन की समस्या होती हैं तो एंडोमेट्रियोसिस का संकेत हो सकता है। जहां पर पेट में बाउल मूवमेंट डिस्टर्ब हो जाता है. पेशाब में भी दिक्कत महसूस होती है।
2- एंडोमेट्रियोसिस की समस्या अगर हो तो आपको पीरियड्स के दौरान कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यहां पर पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत भी हो सकती है।
3- यहां पर शारीरिक संबंध बनाने के दाैरान दर्द महसूस होता है तो इस बीमारी का कारण होता है।
4- इसके अलावा इस बीमारी ती स्थिति में गैस्ट्रिक प्राॅब्लम जैसे कब्ज, डायरिया, जी मचलना आदि देखने को मिल सकता है. ये लक्षण सामान्य रूप से मेंस्ट्रुअल साइकिल से पहले या दाैरान महसूस हो सकते हैं।
इन तरीकों से रख सकते हैं खुद का ख्याल
आपको बताते चलें कि, एंडोमेट्रियोसिस नामक बीमारी के खतरे से बचने के लिए आपको कई चीजों का ध्यान रखना जरूरी होता है…
- एंडोमेट्रियोसिस नामक बीमारी से बचने के लिए आपको वजन को कंट्रोल रखना जरूरी है मोटापा कई बीमारियों का जड़ होती है।
- इसके अलावा आप बीमारी से बचने के लिए बैलेंस्ड डाइट जरूर लें। इसमें फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर डाइट का सेवन करें.
- शराब और कैफीन दोनों ही हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकते हैं और शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं,इससे बचें या इन्हें सीमित करें.
- यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) को एंडोमेट्रियोसिस के लिए हाई रिस्क माना गया है। सेफ इंटरकोर्स करने से एसटीआई के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
एंडोमेट्रियोसिस का इलाज जरूरी
आपको बताते चलें कि, एंडोमेट्रियोसिस का इलाज बेहद आसान है अगर इसका पता शुरुआत में हो जाता है तो बीमारी का इलाज आसान हो जाता है। यहां पर इस बीमारी की स्थिति में महिलाओं में इनफर्टिलिटी और पुराने दर्द जैसी जटिलताओं से बचा जा सकता है। एंडोमेट्रियोसिस की स्थिति में सिस्ट का पता लगाने के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जैसे स्कैन करते हैं. लैप्रोस्कोपी एक सर्जरी है जो आमतौर पर डॉक्टरों द्वारा एंडोमेट्रियोसिस सिस्ट का पता लगाने और उसके इलाज के लिए की जाती है।
