खांसी से परेशान व्यक्ति (सौ. एआई)
Lung Damage Symptoms: अक्सर धूम्रपान करने वाले लोग सुबह की खांसी या हल्की सांस फूलने को आम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन यह फेफड़ों के गंभीर रूप से खराब होने की शुरुआत हो सकती है।
सिगरेट का एक कश आपके फेफड़ों की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि फेफड़ों की बीमारी के लक्षण तब तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आते जब तक कि नुकसान 50-60 प्रतिशत तक न बढ़ जाए। चिकित्सा विज्ञान में इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। डॉक्टरों के अनुसार अगर आप स्मोकिंग करते हैं और आपके शरीर में ये बदलाव दिख रहे हैं तो सावधान होने का समय आ गया है।
क्या आप सुबह उठते ही लगातार खांसते हैं और बलगम आता है। इसे स्मोकर कफ कहा जाता है। सिगरेट का धुंआ फेफड़ों की सफाई करने वाले सूक्ष्म रोम को पंगु बना देता है जिससे रात भर जमा हुआ कचरा सुबह खांसी के जरिए बाहर निकलता है। इसे सामान्य सर्दी समझना बड़ी भूल हो सकती है।
यदि मामूली सीढ़ियां चढ़ने या थोड़ा तेज चलने पर आपकी सांस फूलने लगती है तो यह फेफड़ों की कम होती ऑक्सीजन सोखने की क्षमता का संकेत है। यह क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) की शुरुआती स्टेज हो सकती है।
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सांस लेते समय अगर सीने से सीटी जैसी आवाज आए या भारीपन महसूस हो तो इसका मतलब है कि आपके सांस नली में सूजन है या वहां बलगम जमा हो रहा है।
फेफड़े जब खून को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं दे पाते तो उंगलियों के नाखूनों का आकार बदलने लगता है और होंठों या त्वचा पर नीलापन दिखने लगता है। यह शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी का लक्षण है।
अगर आपको साल में कई बार निमोनिया या ब्रोंकाइटिस हो रहा है तो समझ लीजिए कि आपके फेफड़ों का सुरक्षा तंत्र स्मोकिंग की वजह से पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
जब फेफड़े कमजोर होते हैं तो दिल को शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे आप हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस करते हैं।
फेफड़े हमारे शरीर के फिल्टर हैं। स्मोकिंग छोड़ने के कुछ ही हफ्तों बाद ये खुद को रिपेयर करना शुरू कर देते हैं। यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिख रहा है तो तुरंत पल्मोनोलॉजिस्ट (फेफड़ों के डॉक्टर) से मिलें।