सर्दियों में ही क्यों सबसे ज्यादा सताता है घुटनों का दर्द? ये आयुर्वेदिक उपाय देंगे तुरंत आराम

Knee Pain Relief Tips: सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने के कारण जोड़ों में अकड़न और घुटनों का दर्द बढ़ जाना एक आम समस्या है। ठंडी हवा और रक्त संचार की कमी से यह परेशानी ज्यादा महसूस होती है।
Ayurvedic Remedies for Knee Pain in Winter
घुटनों के दर्द से परेशान व्यक्ति (सौ. फ्रीपिक)
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Winter Knee Pain Tips: सर्दियों की ठंडी हवाएं अपने साथ सिर्फ ठंडक ही नहीं बल्कि कई लोगों के लिए घुटनों और जोड़ों का असहनीय दर्द भी लेकर आती हैं। खासकर बुजुर्गों और आर्थराइटिस के मरीजों के लिए यह मौसम किसी चुनौती से कम नहीं होता। अक्सर लोग इसे केवल बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दोनों कारण छिपे हैं।

क्यों बढ़ जाता है सर्दियों में दर्द

डॉक्टरों के मुताबिक ठंड के दिनों में वायुमंडलीय दबाव कम हो जाता है। दबाव कम होने से जोड़ों के आसपास के टिश्यू में सूजन आ जाती है जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और दर्द बढ़ जाता है। इसके अलावा जोड़ों को चिकनाई देने वाला सायनोवियल फ्लूइड ठंड में गाढ़ा हो जाता है जिससे मूवमेंट में परेशानी होती है। सर्दियों में धूप की कमी के कारण शरीर में विटामिन-डी का स्तर गिरना भी हड्डियों की कमजोरी का बड़ा कारण है।

वात दोष का प्रकोप

आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों का शुष्क और ठंडा मौसम शरीर में वात दोष को बढ़ा देता है। बढ़ा हुआ वात जोड़ों के प्राकृतिक लुब्रिकेंट को सुखा देता है। जब जोड़ों के बीच की यह चिकनाई कम होने लगती है तो हड्डियों के बीच रगड़ बढ़ती है जिससे जकड़न और भयंकर दर्द महसूस होता है।

जोड़ों के दर्द के लिए आयुर्वेदिक उपाय

अगर आप भी इस सर्दी जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो ये उपाय आपके लिए वरदान साबित हो सकते हैं।

  • रोजाना तिल के तेल या महानारायण तेल को हल्का गुनगुना करके घुटनों की मालिश करें। यह जोड़ों में रक्त संचार बढ़ाता है और जकड़न दूर करता है।
  • मेथी की तासीर गर्म होती है। रात भर भिगोए हुए मेथी के दाने खाली पेट खाने से सूजन कम होती है। साथ ही हल्दी और अदरक का काढ़ा इम्युनिटी और जोड़ों की ताकत बढ़ाता है।
  • रोजाना कम से कम 20-30 मिनट सुबह की धूप जरूर लें ताकि विटामिन-डी की कमी पूरी हो सके।

सावधानियां और जीवनशैली

दर्द से बचने के लिए हमेशा गुनगुना पानी पिएं और पैरों को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। ठंडी फर्श पर नंगे पैर चलने से बचें और फ्रिज का ठंडा खाना पूरी तरह त्याग दें। नियमित रूप से हल्की स्ट्रेचिंग करें ताकि जोड़ों की फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहे।

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