महिलाओं को ही क्यों होता है सबसे ज्यादा थायराइड? जानें इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण
Causes of Thyroid: महिलाओं में अक्सर थायराइड की कमी देखी जाती है जिसके पीछे कई कारण हैं। लेकिन इनके लक्षणों का पहचान करके समय पर इलाज गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करता है।
- Written By: प्रीति शर्मा
थाइराइड (सौ. फ्रीपिक)
Thyroid in Women Reason: थायराइड एक छोटी सी तितली के आकार की ग्रंथि है जो हमारी गर्दन के निचले हिस्से में होती है। यह सुनने में भले ही सामान्य लगे लेकिन शरीर का पूरा मेटाबॉलिज्म इसी के हाथ में होता है। मेडिकल साइंस के आंकड़े चौंकाने वाले हैं दुनिया भर में थायराइड के हर 10 मरीजों में से 8 महिलाएं हैं। आखिर महिलाओं के शरीर में ऐसा क्या होता है कि वे इस बीमारी का सबसे ज्यादा शिकार बनती हैं।
हॉर्मोन्स का उतार-चढ़ाव है मुख्य जड़
महिलाओं के जीवन में हार्मोन का खेल जन्म से लेकर बुढ़ापे तक चलता रहता है। मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन में भारी बदलाव आते हैं। ये बदलाव थायराइड ग्रंथि के कामकाज को प्रभावित करते हैं। विशेषकर प्रेग्नेंसी के बाद कई महिलाओं में थायराइड हार्मोन का स्तर अनियंत्रित हो जाता है।
ऑटोइम्यून बीमारियों का उच्च जोखिम
महिलाओं में ऑटोइम्यून बीमारियों की संभावना अधिक होती है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम अपनी ही थायराइड ग्रंथि को दुश्मन समझकर उस पर हमला करने लगता है। महिलाओं का इम्यून सिस्टम पुरुषों की तुलना में अधिक प्रतिक्रियाशील होता है इसलिए वे इस स्थिति का शिकार जल्दी बनती हैं।
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आयोडीन और पोषण की कमी
भारतीय समाज में आज भी महिलाएं अपनी डाइट को लेकर सबसे ज्यादा लापरवाही बरतती हैं। शरीर में आयोडीन की कमी या अधिकता दोनों ही थायराइड के लिए खतरनाक हैं। इसके अलावा विटामिन-D और आयरन की कमी भी थायराइड फंक्शन को बिगाड़ देती है जो भारतीय महिलाओं में एक आम समस्या है।
तनाव और आधुनिक लाइफस्टाइल
एक्सपर्ट्स के अनुसार स्ट्रेस थायराइड का एक बड़ा ट्रिगर है। घर और ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारी निभाने वाली महिलाओं में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है जो सीधे तौर पर थायराइड ग्रंथि को नुकसान पहुंचाता है। कम नींद और प्रोसेस्ड फूड इस समस्या को और गंभीर बना देते हैं।
पहचानें ये चेतावनी संकेत
- बिना किसी कारण के शरीर का फूलना या बहुत दुबला होना।
- पीरियड्स का समय पर न आना या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना।
- थायराइड असंतुलन का सीधा असर ब्यूटी पर पड़ता है।
- पर्याप्त नींद के बाद भी ऊर्जा की कमी महसूस होना।
- छोटी-छोटी बातों पर तनाव या उदासी महसूस करना।
यदि आपको ऊपर दिए गए कोई भी लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत TSH टेस्ट करवाएं। सही समय पर दवा और संतुलित आहार से थायराइड को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। इसे हल्के में लेना बांझपन और दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
