सांकेतिक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Tongue color which indicates health conditions जीभ को लेकर लोग अक्सर लापरवाह होते हैं। जबकि जब भी आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो सबसे पहले वो आपकी जीभ को देखता है। क्योंकि जीभ की मदद से पूरे शरीर का हाल पता चलता है। स्वस्थ शरीर में जीभ का रंग हल्का गुलाबी होता है।
शरीर में अगर किसी तरह की बीमारी हो रही हो तो जीभ का रंग बदल जाता है। जानिए जीभ का कौन सा रंग किस बीमारी का संकेत देता है। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि जीभ का कौन सा रंग किस बीमारी का संकेत देता है और सामान्य स्थिति में जीभ का रंग कैसा होता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य जीभ का रंग गुलाबी होता है, लेकिन हर व्यक्ति की जीभ का रंग हल्के से लेकर गहरे गुलाबी रंग का हो सकता है। जिस पर छोटे-छोटे उभार होते हैं। इन छोटे-छोटे दानों या उभारों को पैपिला कहते हैं। जिनकी मदद से स्वाद आता है और चबाने, बोलने और निगलने में मदद मिलती है।
सफेद जीभ: अगर जीभ सफेद दिख रही है तो इसका मतलब है कि मुंह में फंगल इंफेक्शन है। इसके अलावा सफ़ेद जीभ मुंह में यीस्ट जैसे बैक्टीरिया के पनपने का संकेत देती है। जिससे सूजन आने का खतरा रहता है।
पीली जीभ : अगर जीभ पीली दिखाई दे तो इसका मतलब है कि जीभ में बैक्टीरिया पनप रहे हैं। जो खराब ओरल हाइजीन की वजह से होता है। जब आप जीभ को हर दिन ठीक से साफ नहीं करते हैं तो ये बैक्टीरिया जीभ पर जमा होने लगते हैं और जीभ पीली दिखाई देती है। लेकिन जीभ के पीले होने के पीछे ये कारण भी जिम्मेदार हैं। धूम्रपान निर्जलित सोरायसिस पीलिया तंबाकू खाने की वजह से
पीली जीभ (सोर्स – सोशल मीडिया)
लाल जीभ: अगर जीभ का रंग एकदम लाल दिखाई दे तो इसका मतलब है कि यह किसी खाने या दवा से एलर्जी की वजह से है। इसके अलावा विटामिन ए और बी की कमी की वजह से भी जीभ लाल होती है।
ग्रे जीभ : 2017 में हुए एक अध्ययन के अनुसार ग्रे या हल्के रंग की जीभ का कारण एक्जिमा है।
नीली जीभ: जब जीभ में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है तो रंग नीला दिखाई देने लगता है। ऐसा रक्त विकार, रक्त वाहिका रोग या फेफड़ों में ऑक्सीजन की कमी की वजह से होता है।
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डिस्कलेमर: यदि आपमें किसी बीमारी के अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं और आपकी जीभ का रंग सामान्य है तो आप चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।