Cervical Cancer: अद्भुत चमत्कार! सिर्फ 30 सेकंड में तस्वीरों के जरिए कैंसर की पहचान करेगी ये तकनीक, 90 फीसदी बताया असरदार
भारत के तकनीक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसा स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने में सफलता हासिल की है, जो कैंसर का इलाज तुरंत करता है वह भी बस तस्वीरों के माध्यम से।
- Written By: दीपिका पाल
सर्वाइकल कैंसर की जांच हुई आसान (सौ.सोशल मीडिया)
Cervical Cancer : कैंसर की बीमारी दुनियाभर की गंभीर बीमारियों में से एक है इसके कई प्रकार है जो शरीर के एक-एक अंग को प्रभावित करते है। हाल ही में सर्वाइकल कैंसर के रोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी मिली है जो इस बीमारी के खतरे को कम करने सर्वोत्तम प्रयास है। यहां पर भारत के तकनीक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसा स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने में सफलता हासिल की है, जो कैंसर का इलाज तुरंत करता है वह भी बस तस्वीरों के माध्यम से।
इस तकनीक में किसी भी प्रकार के इंटरनेट और बिजली की आवश्यकता नहीं होती है। इस तकनीक के जरिए जांच को 90 फीसदी असरदार बताया गया है। चलिए जानते हैं कहां हुई इसकी जांच।
इस कंपनी के स्वदेशी मॉडल ने किया काम
आपको बताते चलें कि, इस तकनीक को पुणे स्थित स्टॉर्ट कंपनी पेरिविंकल टेक्नोलॉजीज ने तैयार किया है। जहां पर इस स्वदेशी एआई आधारित उपकरण को स्मार्ट स्कोप का नाम दिया है जो केवल 30 सेकंड में तस्वीरों के जरिये कैंसर स्क्रीनिंग करने में सक्षम है। यह महिलाओं में घावों और संक्रमणों के साथ गर्भाशय ग्रीवा की असामान्यताओं का शीघ्र पता लगाने में बेहतर साबित हुआ है। इस जांच को सक्षम बनाने के लिए कंपनी ने स्मार्ट स्कोप तकनीक का परीक्षण 3.50 लाख से अधिक महिलाओं पर किया था जिसके परिणाम में पांच हजार महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने की जानकारी मिली है।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में 28 जून को महा-पोलियो अभियान, 1 करोड़ से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी दो बूंद जिंदगी की, जानें समय
कांगो में इबोला ने मचाई तबाही; संक्रमितों की संख्या 1200 पार, नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला
Ashwagandha Vs Shatavari: महिलाओं के लिए कौन-सी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है ज्यादा फायदेमंद?
Tea/Coffee After Meal: खाना खाने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीना सही है? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट
यूएस एफडीए और भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से अनुमति मिलने के बाद उसे जिला और ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्य सेवाओं में भी शामिल किया जा रहा है।
6 देशों से मिल चुकी है अनुमति
इस खास तरह की तकनीक को भारत के साथ-साथ अमेरिका, चीन और इस्राइल सहित छह देशों में अनुमति मिल चुकी है। वहीं पर यह स्वदेशी मॉडल एक स्क्रीन और रिमोट के जरिये काम करता है। एक टॉर्च रूपी रिमोट पर लगे कैमरे से तस्वीरें ली जाती हैं और एआई एल्गोरिदम उनका विश्लेषण करने में मदद करती है।एमईआईटीवाई नैसकॉम सीओई के सीईओ संजीव मल्होत्रा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसा रोग है, जिसे केवल समय पर पहचान कर ही प्रभावी रूप से इलाज किया जा सकता है। पंजाब के बठिंडा एम्स में इस एआई मॉडल पर काम किया जा रहा है। बताते चलें कि, सर्वाइकल कैंसर भारत और विश्व स्तर पर एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से 2022 में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, यह दुनियाभर में महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है। सालाना 6.60 लाख से ज्यादा महिलाओं में हर साल इस कैंसर की पहचान हो रही है। इसमें साढ़े 3 लाख के करीब मौतें भी हो रही है।
