सावधान! शरीर में दिखने वाले ये मामूली बदलाव हैं साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण, न करें नजरअंदाज

Heart Attack Signs: साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। समय रहते इन संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
Silent Heart Attack Warning Signs
कॉन्सेप्ट फोटो (सौ. AI)
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Heart Attack Symptoms: आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल और अनियंत्रित खान-पान ने हृदय रोगों के खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है। अक्सर लोग अपनी व्यस्तता के कारण शरीर द्वारा दिए जा रहे छोटे-छोटे संकेतों को सामान्य थकान या एसिडिटी मानकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दिल की बीमारियों के मामले में यही लापरवाही जानलेवा साबित होती है। मेडिकल साइंस के अनुसार हृदय हमारे शरीर का इंजन है जो अंगों तक ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाता है। जब इस इंजन में खराबी आती है तो शरीर कुछ ऐसे संकेत देता है जिन्हें रेड फ्लैग कहा जाता है।

दिल पर दबाव का है इशारा

अगर आपको मामूली काम करने, सीढ़ियां चढ़ने या थोड़ा तेज चलने पर भी सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो इसे उम्र का तकाजा समझकर न छोड़ें। विशेषज्ञों के मुताबिक जब दिल शरीर के बाकी हिस्सों तक पर्याप्त मात्रा में खून और ऑक्सीजन पंप नहीं कर पाता तब फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है। यही कारण है कि व्यक्ति को सांस फूलने की समस्या होने लगती है। यदि आराम करते समय भी आप बेचैनी महसूस कर रहे हैं तो यह सीधे तौर पर हृदय की कार्यक्षमता में कमी का संकेत है।

पैरों और टखनों की सूजन

शरीर के निचले हिस्सों, पैरों, टखनों और तलवों में लगातार रहने वाली सूजन दिल की कमजोरी का एक प्रमुख लक्षण है। डॉक्टरों का कहना है कि जब दिल सही तरीके से पंपिंग नहीं कर पाता तो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं। गुरुत्वाकर्षण के कारण यह फ्लूइड अक्सर पैरों में जमा होता है। अगर आपके मोजे के निशान पैरों पर गहरे पड़ रहे हैं या सूजन बनी हुई है तो यह हार्ट फेलियर की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।

सीने में दबाव और जलन

अधिकतर लोग सीने में होने वाले भारीपन या जलन को गैस की समस्या मानकर घरेलू नुस्खे अपनाने लगते हैं। मेडिकल रिसर्च के अनुसार जब दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में ब्लॉकेज होने लगता है तब सीने में दबाव महसूस होता है। यह दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि गर्दन, जबड़े, कंधों और हाथों तक फैल सकता है। इसे नजरअंदाज करना हार्ट अटैक को न्योता देने जैसा है।

अत्यधिक थकान और चक्कर आना

अगर पर्याप्त नींद लेने और आराम करने के बाद भी आप हर समय सुस्ती, कमजोरी या अचानक चक्कर आना महसूस करते हैं तो आपका दिल खतरे में हो सकता है। दिल की पंपिंग क्षमता घटने से मस्तिष्क और मांसपेशियों को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती जिससे शरीर जल्दी थक जाता है।

बचाव का तरीका

स्वस्थ दिल के लिए नियमित रूप से 30 मिनट का व्यायाम, नमक और चीनी का कम सेवन, धूम्रपान से पूरी तरह दूरी और वजन पर नियंत्रण रखना अनिवार्य है। साल में कम से कम एक बार कार्डियक चेकअप जरूर कराएं।
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