
गर्भवती महिला का स्वास्थ्य जांच करती डॉक्टर (सौ. एआई)
Pregnancy Risk: गर्भवती महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक व्यापक विश्लेषण ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें पैरासिटामोल के इस्तेमाल से बच्चों में न्यूरोलॉजिकल विकार होने की बात कही गई थी। यह रिपोर्ट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस हालिया अपील के उलट है जिसमें उन्होंने इस दवा से बचने की सलाह दी थी।
गर्भावस्था के दौरान बुखार या दर्द होने पर पैरासिटामोल (एसिटामिनोफेन) लेना दुनिया भर में डॉक्टरों की पहली पसंद रहा है। हालांकि पिछले कुछ समय से इसे बच्चों में ऑटिज्म और अटेंशन-डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) से जोड़कर देखा जा रहा था। शनिवार को प्रकाशित 43 अध्ययनों की एक सिस्टमैटिक रिव्यू ने स्पष्ट कर दिया है कि इस दवा और इन विकारों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।
यह अध्ययन राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है क्योंकि सितंबर में डोनाल्ड ट्रंप ने गर्भवती महिलाओं से पैरासिटामोल के बजाय हिम्मत से काम लेने की अपील की थी। वैज्ञानिकों ने अब आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया है कि ऐसी सलाह माताओं और भ्रूणों को जोखिम में डाल सकती है। बिना इलाज वाला बुखार या दर्द गर्भपात, समय से पहले जन्म और जन्मजात दोषों का कारण बन सकता है।
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सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स (UK) की प्रोफेसर अस्मा खलील के नेतृत्व में हुई इस रिसर्च में पाया गया कि पहले के अध्ययनों में जो संबंध दिखे थे वे पैरासिटामोल की वजह से नहीं बल्कि मां की बीमारी, जेनेटिक कारणों या पर्यावरणीय कारकों की वजह से थे। शोधकर्ताओं ने भाई-बहनों के तुलनात्मक अध्ययन में भी पाया कि दवा लेने और न लेने वाले बच्चों के मानसिक विकास में कोई अंतर नहीं था।
पैरासिटामोल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की जरूरी दवाओं की सूची में शामिल है। यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी और हेल्थ कनाडा जैसी वैश्विक संस्थाओं ने भी इसकी सुरक्षा का समर्थन किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पैरासिटामोल का सेफ्टी प्रोफाइल ओपिओइड्स और अन्य दर्द निवारक दवाओं की तुलना में काफी बेहतर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए लेकिन जरूरत पड़ने पर पैरासिटामोल का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित है। बुखार को नजरअंदाज करना दवा के सेवन से कहीं अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।






