पूर्ण भुजंगासन (सौ. सोशल मीडिया)
Benefits Of Poorn Bhujangasana: अच्छे स्वास्थ्य के लिए जहां पर खानपान पर ध्यान देना जरूरी होता है वहीं पर अगर आप रोजाना योग को अपने दैनिक जीवन में शामिल करते है तो फायदा और भी बढ़ जाता है। योग केवल शरीर के सभी अंगों को सुचारू रूप से चलाता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने का काम करता है।
कोरोना के समय के बाद से कई लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे है। योग में वैसे तो कई आसन है जिन्हें करने से शरीर को मजबूती मिलती है लेकिन आज हम आपको पूर्ण भुजंगासन करने के फायदे के बारे में बता रहे है, जो इस प्रकार है।
यहां पर मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार पूर्ण भुजंगासन के फायदे बताए गए है। यह एक प्रभावी आसन है जो भुजंगासन का उन्नत और पूरा स्वरूप होता है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीलापन देने के साथ ही पीठ और पूरे शरीर को मजबूत बनाता है और छाती को खोलकर श्वसन क्षमता को बढ़ाता है। अगर आप नियमित रूप से इस आसन को करते है तो, यह शरीर के कंधों, गर्दन और कमर की जकड़न को दूर करने में मदद करता है।
यहां पर इंस्टीट्यूट द्वारा पूर्ण भुजंगासन को करने के तरीके के बारे में बताया गया है। एक्सपर्ट के अनुसार, पूर्ण भुजंगासन अभ्यास सावधानी के साथ करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले पेट के बल लेटें। हथेलियां कंधों के पास रखें। सांस लेते हुए छाती, गर्दन और सिर ऊपर उठाएं, कोहनियां थोड़ी मोड़ें और कंधे पीछे की ओर खींचें। इसके बाद घुटने मोड़कर पैरों के पंजे ऊपर उठाएं। सिर-गर्दन पीछे तानें और पैरों से सिर छूने की कोशिश करें। आराम से जितनी देर हो सके शरीर पर बिना दबाव डाले इस मुद्रा में रुकें। इसके बाद धीरे-धीरे वापस शवासन की स्थिति में आएं। शिथिल होकर लेटें, गहरी सांस लें और हृदय गति और सांस सामान्य होने दें।
यहां पर पूर्ण भुजंगासन करने से शरीर के सभी अंगों को फायदा मिलता है। नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, थायरॉइड ग्रंथि उत्तेजित होती है और तनाव में कमी आती है। यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं या पीठ दर्द की शिकायत रहती है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, गंभीर पीठ की समस्या, उच्च रक्तचाप, हर्निया या हाल ही में कोई सर्जरी हुई हो तो इस आसन से बचना चाहिए।
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आप पूर्ण भुजंगासन का योग कर रहे है तो आपको सावधानी बरतना भी जरूरी होता है।शुरुआती दिनों में इस आसन को धीरे-धीरे सीखना चाहिए और किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास करना बेहतर होता है। इसे लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि योग आसनों का अभ्यास धैर्य और नियमितता के साथ करें। पूर्ण भुजंगासन जैसे उन्नत आसन शरीर की क्षमता बढ़ाते हैं, लेकिन गलत तरीके से करने पर चोट का खतरा रहता है।
आईएएनएस के अनुसार