क्या होता है अपेंडिक्स का तेज दर्द, आयुर्वेद में जानिए इसके देखभाल के जरूरी उपाय
Treatments of Appendicitis : अपेंडिक्स का नाता पेट के पाचन से होता है इसके लिए त्रिफला का चूर्ण फायदेमंद होता है। त्रिफला का चूर्ण कई चीजों में काम आता है।
- Written By: दीपिका पाल
अपेंडिक्स का इलाज (सौ. सोशल मीडिया)
Appendix Health Problem: हमारा शरीर बड़ा ही मूल्यवान है जिसका ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है। कई लोग नहीं जानते होंगे, हमारे शरीर में अपेंडिक्स एक ऐसा अंग होता है जो बड़ी आंत से जुड़ा होता है। दरअसल इसका संबंध हमारे पाचन से होता है इसमें खाने के पचने की शक्ति को बनाए रखना होता है। एक पतली पाइप जैसी दिखने वाली ट्यूब, अपेंडिक्स की लंबाई 2 से 3 इंच की होती है। इसका काम आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को बचाकर रखना है और पेट की पाचन शक्ति को बढ़ाना भी है।
संक्रमण की वजह से खतरा
वैसे तो अपेंडिक्स का काम पेट में पाचन शक्ति को बढ़ाने से होता है। जो हमारे शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की कमी हो जाती है, तो ट्यूब में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया ही पाचन प्रणाली को सही तरीके से चलाने में मदद करते है। लेकिन कई बार संक्रमण की वजह से अपेंडिक्स में सूजन आ जाती है। सूजन की स्थिति में पेट के निचले हिस्से में दर्द, बुखार आना और उल्टी की शिकायत होने लगती है।
कई बार अपेंडिक्स की स्थिति इतनी खतरनाक होती है कि, ये अंग अंदर ही फट जाता है और पेट में जहर फैलने का खतरा रहता है। तेज दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा बीमारी से बचने या हल्के दर्द के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे ही सहारा होते है।
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इन आयुर्वेदिक उपायों से करें अपेंडिक्स का इलाज
- आयुर्वेद में इस रोग को वात और पित्त की वृद्धि के तौर पर देखा गया। जब दोनों में असंतुलन हो जाता है तो अपेंडिक्स परेशानी का सबब बन जाता है। अगर दर्द शुरुआती है तो आयुर्वेद की मदद ले सकते हैं।
- अपेंडिक्स का नाता पेट के पाचन से होता है इसके लिए त्रिफला का चूर्ण फायदेमंद होता है। त्रिफला का चूर्ण कई चीजों में काम आता है। अगर दर्द से राहत पाना है तो गर्म पानी के साथ त्रिफला चूर्ण लेने से फायदा होगा।
- कच्चे केले खाने से अपेंडिक्स से जुड़ी परेशानी में राहत मिलती है। कच्चे केले से पाचन सही तरीके से होता है, जिससे अपेंडिक्स पर कम दबाव पड़ता है।
- इसके अलावा अरंडी के तेल के इस्तेमाल से भी आप अपेंडिक्स का इलाज कर सकते है। रात को सोने से पहले दूध के साथ अरंडी के तेल का सेवन करने से सूजन में राहत मिलती है। तेल में रिसिनोलिक एसिड होता है, जो सूजन रोधी होता है। ये सिर्फ अपेंडिक्स में होने वाली सूजन नहीं, बल्कि शरीर के किसी भी हिस्से में होने वाली सूजन से बचाता है।
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- साथ ही आप हल्का और प्रोटीनयुक्त भोजन भी अपेंडिक्स के होने वाली दिक्कतों को कम करता है। जितना हल्का खाना होगा, पचाने में उतनी ही आसानी होगी और अपेंडिक्स पर दवाब नहीं पड़ेगा। इसके अलावा नियमित योग, टहलने और अच्छी जीवनशैली अपनाने से भी इसमें राहत मिलेगी।
