क्या सच में ब्रेन ट्यूमर बनता है कैंसर का जानलेवा खतरा, जानिए इन 5 मिथकों के पीछे की सच्चाई
ब्रेन ट्यूमर को मेटस्टैमिक ट्यूमर के रूप में जाना जाता है जिसका इलाज समय पर मिल जाए तो बड़े खतरे से बचा जा सकता है। आज हम आपको कुछ मिथकों के पीछे की सच्चाई के बारे में बताएंगे जो लोगों को जानना बेहद जरूरी है।
- Written By: दीपिका पाल
जान लीजिए ब्रेन ट्यूमर से जुड़े मिथक (सौ. डिजाइन फोटो)
World Brain Tumor 2025: आज दुनियाभर में विश्व ब्रेन ट्यूमर डे मनाया जा रहा है। यह दिन ब्रेन ट्यूमर के खतरे के बारे में लोगों को जागरूक करने के साथ ही जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए रोकथाम पर जोर देता है। ब्रेन ट्यूमर का बड़ा रूप कैंसर के रूप में सामने आता है। यह एक प्रकार का गंभीर रोग है जिसमें किसी भी वर्ग के व्यक्ति को नुकसान पहुंचाता है। यहां पर ब्रेन ट्यूमर को लेकर लोगों के मन में कई सवाल होते है तो वहीं पर सुनी-सुनाई बातें यानि मिथकों को सच मान लेते है।
यहां पर ब्रेन ट्यूमर को मेटस्टैमिक ट्यूमर के रूप में जाना जाता है जिसका इलाज समय पर मिल जाए तो बड़े खतरे से बचा जा सकता है। आज हम आपको कुछ मिथकों के पीछे की सच्चाई के बारे में बताएंगे जो लोगों को जानना बेहद जरूरी है।
जानते हैं इन 5 मिथकों के पीछे की सच्चाई
आपको यहां पर हम कुछ मिथकों के पीछे छिपी सच्चाई के बारे में बता रहे हैं जिसे जानकर आप यकीन कर पाएंगे कि, जो आप सोच रहे थे उसका अलग ब्रेन ट्यूमर की बीमारी होती है…
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मिथक 1: ब्रेन ट्यूमर होते हैं हमेशा घातक
यहां पर लोगों के बीच यह मिथक बेहद आम होता हैं कि, लोग ट्यूमर का नाम सुनकर घबरा जाते है। इसकी सच्चाई बताते चलें तो, ब्रेन ट्यूमर, मैलिगेंट (कैंसरयुक्त घातक) और बिनाइन (बिना कैंसरयुक्त- सौम्य) हो सकते हैं। बिनाइन ट्यूमर (सौम्य) धीरे-धीरे बढ़ते हैं और इनके फैलने की संभावना कम होती है। इसके अलावा मैलिगेंट ट्यूमर तेजी से फैलते हैं और इनको तुरंत इलाज की जरूरत होती है। यहां पर सही समय पर इसका इलाज लिया जाए तो ब्रेन ट्यूमर का खतरा ज्यादा नहीं रहता है।
मिथक 2: सर्जरी ही एकमात्र इलाज का उपाय
आपको बताते चलें कि, यहां पर ब्रेन ट्यूमर का खतरा तो तेज होता ही है वहीं पर कई बार लोग यह सुनते हैं कि, ब्रेन ट्यूमर का एकमात्र इलाज सर्जरी ही है। लेकिन ऐसा नहीं होता है इसमें रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, टारगेट थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी को भी शामिल किया जा सकता है। एडवांस टक्नोलॉजी के बाद बड़ी सर्जरी की अपेक्षा कम चीरा लगाए इनवेसिव सर्जरी और स्टीरियोस्टैक्टिक रेडियोसर्जरी को चुना जा सकता है।
मिथक 3: अधिक उम्र के लोगों में होता है ब्रेन ट्यूमर
ब्रेन ट्यूमर को लेकर लोगों में यह मिथक भी होता हैं कि, किसी भी उम्र के लोगों को इसमें नुकसान होता है। यहां पर कई कारण जिम्मेदार होते है जो बीमारी को बढ़ा देते है। लेकिन इसके पीछे की सच्चाई यह है कि, ब्रेन ट्यूमर की समस्या किसी भी उम्र के लोगों को किसी भी समय हो सकती है।
मिथक 4: ब्रेन ट्यूमर बनता है कैंसर का कारण
यहां पर यह मिथक यह कहता है कि, ब्रेन ट्यूमर और कैंसर एक जैसे है। वास्तव में ब्रेन ट्यूमर बिनाइन (सौम्य – ट्यूमर का शुरुआती दौर) भी हो सकते हैं। इस स्थिति के ट्यूमर गैर कैंसर युक्त होते हैं, लेकिन इनको भी सही समय पर इलाज की आवश्यकता है। स्थिति खराब होने पर कैंसर बन सकता है।
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मिथक 5: ब्रेन ट्यूमर में समान लक्षण होना
यहां पर ब्रेन ट्यूमर के लक्षण को लेकर भी लोगों में कई भ्रांतियां होती है। इसके अनुसार, ब्रेन ट्यूमर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग नजर आते हैं। जहां पर इसके सामान्य लक्षण की बात करें तो, इसमें सिरदर्द, दौरे पड़ना, कॉग्नेटिव बदलाव, व्यवहार में बदलाव, देखने में समस्या और बोलने में परेशानी को शामिल किया जा सकता है। लेकिन, हर व्यक्ति को यह महसूस हो यह कह पाना सही नहीं होगा।हल्के लक्षणों को कई बार व्यक्ति अनदेखा कर देते हैं। इससे इनकी पहचान में देरी हो सकती है।
