शिशु को स्तनपान कराने के लिए क्या सही होती है ये 5 पोजीशन, जानिए इसके बारे में

World Breastfeeding Week 2025: मां और शिशु के लिए स्तनपान का अलग महत्व होता है। शिशु के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है इसका पान शिशु को 6 महीने तक कराना चाहिए।
स्तनपान कराने के लिए 5 सही पोजीशन
स्तनपान कराने के लिए 5 सही पोजीशन (सौ.सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: 1 अगस्त से दुनियाभर में विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week 2025) की शुरुआत हो गई है। मां और शिशु के लिए स्तनपान का अलग महत्व होता है। शिशु के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है इसका पान शिशु को 6 महीने तक कराना चाहिए। स्तनपान की सही पोजीशन, मां और शिशु दोनों के लिए स्वस्थ बंधन की कुंजी और दोनों के लिए लाभकारी होती है। इसके बारे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय और यूनिसेफ दोनों ने संयुक्त रूप से जानकारी दी है।

6 महीने तक शिशु को कराएं स्तनपान

आयुष मंत्रालय के अनुसार, " मां का दूध शिशु के लिए पहले छह महीनों में सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, जिसमें वसा, प्रोटीन, विटामिन और खनिज शामिल हैं। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, संक्रामक रोगों से बचाता है और मस्तिष्क विकास को बढ़ावा देता है। इसके साथ ही माताओं में स्तन व डिम्बग्रंथि कैंसर, डायबिटिज और हृदय रोग का जोखिम भी कम होता है।" इसके अलावा स्तनपान को लेकर यूनिसेफ का कहना है कि,सही ब्रेस्ट फीडिंग पोजीशन इस प्रक्रिया को और प्रभावी बनाती है। इनमें क्रैडल होल्ड, क्रॉस-क्रैडल होल्ड, फुटबॉल होल्ड, करवट लेकर लेटने की स्थिति और लेटने की स्थिति शामिल है।

जानिए ब्रेस्टफीडिंग की सभी पॉजिशन के बारे में

यहां नई माताओं को ब्रेस्टफीडिंग की सभी पॉजिशन के बारे में जानना चाहिए, जो इस प्रकार है...

1- क्रैडल होल्ड- 

यूनिसेफ के अनुसार, पालना पकड़ या क्रैडल होल्ड सबसे लोकप्रिय पोजीशन है, जो मां और शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ाती है। मां अपने शिशु को गोद में इस तरह रखती है कि उसका सिर कोहनी के मोड़ पर और शरीर मां की छाती से सटा हो। तकिए का सहारा लेने से मां की बांह को आराम मिलता है, जिससे लंबे समय तक स्तनपान आसान हो जाता है।

2- क्रॉस-क्रैडल होल्ड पोजीशन

दूसरा है क्रॉस-क्रैडल होल्ड पोजीशन, जो नवजात शिशुओं के लिए आदर्श पोजीशन है और यह मां को शिशु के सिर पर बेहतर नियंत्रण देती है। शिशु को क्रैडल होल्ड की विपरीत दिशा में रखा जाता है, जिसमें सिर को हाथ से सहारा दिया जाता है। यह स्थिति नई माताओं के लिए मददगार है।

3-फुटबॉल होल्ड या अंडर-आर्म होल्ड

तीसरे नंबर पर आता है फुटबॉल होल्ड या अंडर-आर्म होल्ड। यह पोजीशन सीजेरियन डिलीवरी या निप्पल दर्द से जूझ रही माताओं के लिए बेहद लाभकारी है। शिशु को फुटबॉल की तरह बांह के नीचे रखा जाता है, जिससे उसका चेहरा स्तन की ओर और पैर मां की बांह के नीचे रहते हैं। यह बंद नलिकाओं को खोलने में मदद करता है।

4- करवट लेकर लेटने वाली पॉजिशन

करवट लेकर लेटने वाली पोजीशन रात के समय या थकान होने पर सुकून देती है। मां और शिशु दोनों करवट लेकर लेटते हैं, शिशु का सिर मां की छाती पर होता है। तकिए से पीठ का सहारा लेना और शिशु की नाक को अवरुद्ध होने से बचाना जरूरी है।

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5- लेटने की पोजीशन, यह चंचल या बेचैन शिशुओं के लिए शांतिदायक पोजीशन है। मां तकिए के सहारे थोड़ा पीछे झुकती है और शिशु को अपनी छाती पर लिटाती है। त्वचा से त्वचा का संपर्क भावनात्मक बंधन को गहरा करता है। ये पोजीशन न केवल स्तनपान को आरामदायक बनाती है, बल्कि मां और शिशु के बीच प्रेम और विश्वास का रिश्ता भी मजबूत करती है।

--आईएएनएस के अनुसार

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