प्रेग्नेंसी में करवा चौथ रखना होता है मुश्किल, व्रत के दौरान इन बातों का रखना चाहिए ख्याल
Karwa Chauth in Pregnancy Phase: प्रेग्नेंसी के दौरान करवा चौथ व्रत रखना मुश्किल हो जाता है। अगर आप इस प्रेग्नेंसी की अवस्था में व्रत रखने वाले है तो क्या एहतियात इस दौरान बरतना चाहिए।
- Written By: दीपिका पाल
प्रेग्नेंसी के दौरान करवा चौथ कैसे रखें (सौ. सोशल मीडिया)
Karwa Chauth Vrat in Pregnancy: देशभर में करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर को रखा जाने वाला है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है। कहते है कि, यह करवा चौथ व्रत कठिन व्रत माना जाता है क्योंकि व्रती महिलाएं चांद न दिखने तक निर्जला रहती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान करवा चौथ व्रत रखना मुश्किल हो जाता है। अगर आप इस प्रेग्नेंसी की अवस्था में व्रत रखने वाले है तो क्या एहतियात इस दौरान बरतना चाहिए इसके बारे में हेल्थ एक्सपर्ट बताते है।
निर्जला व्रत रखने से बचें
यहां पर हेल्थ एक्सपर्ट बताते है कि, प्रेग्नेंसी के दौरान करवा चौथ अगर आप रख रही है तो आपको निर्जला व्रत भूलकर नहीं रखना चाहिए। यहां पर निर्जला व्रत करना बच्चे और मां दोनों के लिए सुरक्षित नहीं है। पूरे दिन व्रत में थोड़ा-थोड़ा फलाहार लेते रहना चाहिए। फलों में भी केला और सेब फायदेमंद साबित होंगे। इसके अलावा दूध, नारियल पानी, लस्सी, छाछ और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी का सेवन करते रहना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाओं को शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। उन्हें पूरी तरह से निर्जला से बचना चाहिए।”
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इसके अलावा नियम के मुताबिक, करवा चौथ के व्रत में सुबह सरगी का सेवन किया जाता है।उसमें प्रेग्नेंट महिलाओं को पोषण से भरी चीजें खानी चाहिए और तली-भुनी चीजों को नहीं खाना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट रिच फूड में चपाती और पोहा हैं और प्रोटीन रिच फूड में पनीर और दही हैं, जबकि फ्रूट्स में केला और सेब हैं।”
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इन बातों का ध्यान रखना भी जरूरी
हेल्थ एक्सपर्ट यह भी बताते है कि, पूजा के वक्त ज्यादा समय तक खड़े या बैठे नहीं रहें। अगर थकान या चक्कर महसूस होता है, पेट में बच्चा कम घूमता है, धड़कन तेज महसूस होती है, पेट या सिर में दर्द होता है, तो ऐसी कंडीशन में डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। अगर मां को एनीमिया या हाई ब्लड प्रेशर है, तो डॉक्टर के परामर्श से ही व्रत रखें, वरना व्रत नहीं करें। वहीं, चांद दिखने के बाद जब खाना खाएं तो उसे हल्का रखें।
आईएएनएस के अनुसार
