बढ़ते हुए वजन से परेशान महिला (सौ. फ्रीिपिक)
Obesity Reasons: बढ़ता वजन आज एक वैश्विक महामारी बन चुका है लेकिन क्या आप जानते हैं कि कम खाने के बाद भी मोटापा क्यों नहीं घटता। अक्सर हम जिसे अपनी गलती मानते हैं उसके पीछे शरीर का विज्ञान और कुछ अनसुने फैक्ट्स होते हैं।
अक्सर जब भी वजन बढ़ने की बात आती है तो सारा दोष जंक फूड या आलस पर मढ़ दिया जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा एक जटिल समस्या है जिसमें खानपान के अलावा कई अन्य कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर आप भी घंटों जिम में पसीना बहा रहे हैं और डाइट कंट्रोल कर रहे हैं फिर भी वजन कम नहीं हो रहा तो आपको इन बातों पर गौर करना चाहिए।
मोटापा कई बार आपके डीएनए में होता है। शोध बताते हैं कि करीब 15 ऐसे जीन हैं जो शरीर में फैट स्टोरेज और भूख को नियंत्रित करते हैं। इसके अलावा थायराइड या पीसीओएस (PCOS) जैसी बीमारियां हार्मोनल संतुलन बिगाड़ देती हैं जिससे वजन घटाना लगभग नामुमकिन सा लगने लगता है।
डिजिटल युग में स्क्रीन टाइम बढ़ने से नींद की गुणवत्ता घटी है। अगर आप 7 घंटे से कम सोते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) बढ़ जाता है। यह हार्मोन न सिर्फ आपकी भूख बढ़ाता है बल्कि शरीर में चर्बी जमा करने का निर्देश भी देता है। यानी बिना खाए भी आप मोटे हो सकते हैं अगर आप तनाव में हैं या कम सो रहे हैं।
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यह सबसे बड़ा भ्रम है। खाना छोड़ देने से शरीर स्टार्वेशन मोड में चला जाता है और मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि वजन घटाने के लिए कम खाना नहीं बल्कि सही खाना और कम से कम 30 मिनट की शारीरिक सक्रियता अनिवार्य है।
आमतौर पर माना जाता है कि हर मोटा व्यक्ति शुगर का मरीज बन जाएगा। सच यह है कि मोटापा टाइप-2 डायबिटीज का एक बड़ा रिस्क फैक्टर जरूर है लेकिन सही जीवनशैली अपनाकर इस खतरे को टाला जा सकता है।
मोटापा कोई सजा नहीं बल्कि शरीर का एक सिग्नल है। इसे कम करने के लिए खुद को कोसना बंद करें और अपने सोने के पैटर्न, तनाव के स्तर और हार्मोनल हेल्थ की जांच कराएं।