ऑफिस में घंटों बैठना बढ़ा सकता है बीमारियों का खतरा, आज से ही अपनी जीवनशैली में करें बदलाव, मिलेगा फायदा
Physical Activityआयुर्वेद के अनुसार कम शारीरिक गतिविधि रखने से शरीर के लिए बड़ी चेतावनी लाता है। जानें चरक संहिता में बताए गए व्यायाम के फायदे और निष्क्रिय जीवनशैली से होने खतरे जानिए।
- Written By: दीपिका पाल
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Benefits Of Exercise: सर्दियों का मौसम चल रहा है इस मौसम में ठंड का तापमान कम ज्यादा होता रहता है इसके लिए कई लोग सुबह उठने से कतराते लगते है। इसके साथ ही सुबह उठने की आदत के अलावा लोग ऑफिस में घंटों समय बिता देते है इस वजह से हमें कुर्सी पर बैठकर ही बीमारियां घेर लेती है।
आजकल लोग शारीरिक गतिविधि के लिए समय नहीं निकाल पाते है इस वजह से कई बड़ी बीमारियों का खतरा सताता है। कम शारीरिक गतिविधि को आयुर्वेद शरीर के लिए चेतावनी मानता है। यहां पर आयुर्वेद में शरीर को सक्रिय रखने या न रखने से जुड़ी बातों के बारे में लिखा गया है।
आयुर्वेद में जानिए ये खास बात
यहां पर आयुर्वेद में कहा गया है कि, “अतियोग, हीनयोग और मिथ्या योग, यानी ये ही रोगों के मूल कारण हैं।” आयुर्वेद में शरीर को कर्मयोग का साधन कहा गया है। अगर आपका शरीर चलना बंद कर देता है तो वात और कफ दोष का खतरा बढ़ता है जो दोनों को असंतुलित करने का काम करता है। अगर शरीर को सक्रिय रखना चाहते है तो दिनभर में कम से कम 30 मिनट का समय निकालना जरूरी होता है।
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जानिए कहा कहते है चरक संहिता में
यहां पर चरक संहिता में कहा गया है, कि “व्यायामात लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखम्,” यानी व्यायाम से स्वास्थ्य, लंबी आयु, शक्ति और सुख मिलता है, लेकिन वही अगर शरीर कम गतिविधि करता है, तो बहुत सारे रोग मधुमेह और मोटापा जैसी समस्याएं घेर लेते है। वहीं पर रोजाना आप लंबे समय तक बैठने की आदत रखते है तो आपके शरीर में वसा यानि फैट का स्तर बढ़ जाता है। शरीर का मेटाबॉलिज्म कमजोर होता है, जिससे मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा गठिया और जोड़ों के दर्द का खतरा भी बढ़ जाता है।
लंबे समय तक अगर आप एक ही पॉश्चर में रहते है तो,हड्डियों से लेकर मांसपेशियों में जकड़न परेशान करने लगती है और जोड़ों का दर्द भी परेशान करता है, क्योंकि हड्डियों के जोड़ लगातार एक ही स्थिति में रहते हैं।
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हाई ब्लड प्रेशर की संभावना
यहां पर कई लोगों में बिना सक्रिय रहने की वजह से हाई ब्लड की संभावना शरीर में बढ़ने लगती है। हाई ब्लड प्रेशर की संभावना बढ़ जाती है और दिल से जुड़े रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। चलने से शरीर में रक्त का संचार तेजी से होता है और ऑक्सीजन रक्त के साथ शरीर के हर हिस्से तक पहुंचती है, लेकिन ऐसा न होने पर रक्त और ऑक्सीजन की कमी से ब्लड प्रेशर की बीमारी शरीर को घेर लेती है। ब्लड प्रेशर की समस्या होने के बाद दिल से जुड़े रोगों की संभावना तेजी से बढ़ती है।इसके अलावा डिप्रेशन और चिंता, पाचन संबंधी विकार और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
आईएएनएस के अनुसार
