रेस्टोरेंट के मेन्यू में सॉल्ट वॉर्निग लेबल हुआ लागू, टलेगा इन बीमारियों का खतरा
Salt Warning Label: खाने के साथ ज्यादा नमक का सेवन नहीं करना चाहिए, यह दिल के दौरे, किडनी और हाई बीपी की समस्या को बढ़ा देते है। अब रेस्टोरेंट के मेन्यू में नमक की चेतावनी वाले लेबल लागू हो गए है।
- Written By: दीपिका पाल
साल्ट वॉर्निग लेबल आएगा काम (सौ.सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: खाने में नमक ना हो तो स्वाद अधूरा लगता है। स्वाद को पूरा करने के लिए लोग और अधिक नमक खाने के ऊपर ले लेते है। भले ही यह खाने का स्वाद बढ़ा देता है लेकिन सेहत का हाल बिगड़ जाता है। डॉक्टर्स हमेशा से कहते आए है कि, खाने के साथ ज्यादा नमक का सेवन नहीं करना चाहिए, यह दिल के दौरे, किडनी और हाई बीपी की समस्या को बढ़ा देते है। इस समस्या को कम करने के लिए अब रेस्टोरेंट के मेन्यू में नमक की चेतावनी वाले लेबल लगाए जा रहे है।
यह तरीका लोगों के नमक से ज्यादा सेवन करने की आदत को रोकने के लिए अपनाया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल की एक नई स्टडी में इस तरीके को स्वस्थ विकल्प के रूप में बताया है जो गंभीर बीमारियों का खतरा टालता है।
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क्या मिलेगा इस सॉल्ट वार्निंग लेबल से फायदा
यहां पर द लैंसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित स्टडी में इस सॉल्ट वार्निंग लेबल को कारगर माना है। बताया गया है कि, यह रणनीति हृदय रोगों और अधिक नमक के कारण होने वाली किडनी की समस्याओं से लड़ने में महत्वपूर्ण हो सकती है। इस रिसर्च के तहत यह देखा गया कि, नमक की चेतावनी लेबल वाले मेन्यू देखने वाले लोग और बिना लेबल वाले मेन्यू देखने वाले लोग खाने के ऑर्डर में किस तरह का अंतर नजर आता है। जो लोग नमक के चेतावनी वाले लेबल को देखता है तो वह जिसमें नमक की मात्रा ज्यादा है वह वाले व्यंजन या डिश को खाने से बचता है। इस तरह के साल्ट वॉर्निंग लेबल नमक की मात्रा के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और ऑर्डर किए गए नमक की मात्रा को काफी कम करते हैं।
WHO ने दी थी चेतावनी
आपको बताते चलें, नमक के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों के मामले सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जानकारी दी है। इसके अनुसार, प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक (लगभग एक चम्मच से कम) या 2 ग्राम से कम सोडियम का सेवन करना चाहिए। हर साल 18.9 लाख मौतें अधिक नमक के सेवन से होती हैं। खाने को लंबे समय तक बनाएं रखने के लिए रेस्टोरेंट के खाने में नमक की ज्यादा मात्रा मिलाई जाती है। अधिक नमक से ब्लड में सोडियम बढ़ जाता है, जिससे पानी का जमाव, ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, हृदय रोग, किडनी रोग, ऑस्टियोपोरोसिस और मोटापा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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बता दें, यह स्टडी को एक ऑनलाइन और वास्तविक रेस्तरां सेटिंग में परीक्षण किया गया। रेस्तरां में 454 लोगों ने हिस्सा लिया, जहां चेतावनी लेबल वाले मेन्यू देखने वालों ने औसतन 12.5 प्रतिशत (0.54 ग्राम) कम नमक ऑर्डर किया। ऑनलाइन सर्वे में 2,391 लोगों ने हिस्सा लिया, जहां लेबल ने नमक के ऑर्डर को 0.26 ग्राम प्रति भोजन कम किया।
आईएएनएस इनपुट के मुताबिक
