पेट की हेल्थ बेहतर बनाने में भूमिका निभाती है हाइड्रोजन गैस, रिसर्च की नई स्टडी में हुआ खुलासा

Stomach Health: हाल ही में सामने आई एक स्टडी के अनुसार पेट की हेल्थ के लिए हाइड्रोजन की भूमिका सही बताया है। अक्सर पेट फूलने के बाद निकलने वाली हाइड्रोजन गैस डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाती है।
पेट की हेल्थ में भूमिका निभाती है हाइड्रोजन गैस
पेट की हेल्थ में भूमिका निभाती है हाइड्रोजन गैस (सौ.सोशल मीडिया)
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Health Study on Hydrogen Gas: हमारे पेट की सेहत को सही रखने के लिए डाइजेस्टिव सिस्टम का बेहतर होना जरूरी होता है। डाइजेशन सिस्टम अगर हमारा सुचारू रुप से काम करेगा तो हमें कई बीमारियों का खतरा कम ही सताएगा। हाल ही में सामने आई एक स्टडी के अनुसार पेट की हेल्थ के लिए हाइड्रोजन की भूमिका सही बताया है। अक्सर पेट फूलने के बाद निकलने वाली हाइड्रोजन गैस डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाती है।

जानिए क्या कहती है स्टडी

यहां पर हाल ही में नेचर माइक्रोबायोलॉजी में पब्लिश हुई इस रिसर्च को ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी और हडसन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (एचआईएमआर) ने लीड किया था। बीते शुक्रवार को मोनाश यूनिवर्सिटी ने इसे प्रकाशित किया। इस स्टडी में बताया गया कि इंसान की आंत में हाइड्रोजन कैसे बनता है और इस्तेमाल होता है, और यह भी जांचा गया कि माइक्रोब्स इसके लेवल को कैसे कंट्रोल करते हैं।

हेल्दी गट माइक्रोबायोम को करता है सपोर्ट

इसकी प्रक्रिया के अनुसार बताया कि, हाइड्रोजन तब बनता है जब आंत के माइक्रोब्स बिना पचे कार्बोहाइड्रेट को फर्मेंट करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान गैस का एक हिस्सा बाहर निकल जाता है, लेकिन इसके ज्यादातर हिस्से को दूसरा बैक्टीरिया दोबारा इस्तेमाल कर लेता है, जिससे डाइजेशन में मदद मिलती है और एक हेल्दी गट माइक्रोबायोम को सपोर्ट मिलता है। ये नतीजे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के लिए नए माइक्रोबायोम-बेस्ड इलाज डेवलप करने में मदद कर सकते हैं।

पेट की हेल्थ के लिए छिपा फैक्टर

दरअसल इस स्टडी की पहली लेखक और मोनाश यूनिवर्सिटी और एचआईएमआर में पोस्टडॉक्टोरल साइंटिस्ट कैटलिन वेल्श ने अपनी जानकारी में कहा कि ज्यादातर लोग हर दिन लगभग एक लीटर गैस निकालते हैं, जिसमें से आधा हाइड्रोजन होता है। इसमें हाइड्रोजन सिर्फ पेट फूलने के लिए जिम्मेदार गैस से कहीं ज्यादा है तो वहीं पर यह पेट की हेल्थ के लिए एक छिपा हुआ जरूरी फैक्टर है।

इन बीमारियों का भी हो सकता है खतरा

स्टडी में यह भी पता चला है कि, हाइड्रोजन का असामान्य लेवल संक्रमण, डाइजेस्टिव डिसऑर्डर और यहां तक कि कैंसर से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे लेवल अक्सर पेट के फंक्शन का मूल्यांकन करने के लिए ब्रेथ टेस्ट में मापे जाते हैं। इसके अलावा स्टडी में मल के सैंपल और आंत के टिशू से बैक्टीरिया की जांच के बाद, रिसर्चर्स ने पाया कि आंत के बैक्टीरिया एंजाइम ग्रुप बी (एफईएफई)-हाइड्रोजनेज के जरिए हाइड्रोजन बनाते हैं।

आईएएनएस के अनुसार

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