

Summer Heat Safety For Kids: पूरा उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी और लू की भयानक चपेट में है। मई के इस महीने में हालात ऐसे हो गए हैं कि मानो आसमान से धूप नहीं, बल्कि आग बरस रही हो। खबरों के मुतबिक, कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक चला गया है। यही नहीं, बताया जा रहा है कि, 25 मई से 2 जून तक नौतपा भी शुरू हो जाएगा यानी पृथ्वी और भी तपेगी।
इस बीच भारत सरकार एडवाइजरी जारी कर लगातार लोगों से लगातार सतर्क रहने और लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहा है। इस बीच एक्सपर्ट्स ने बताया कि भीषण गर्मी में बच्चों को हीट स्ट्रोक का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।
नेशनल हेल्थ मिशन ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि नवजात शिशु, छोटे बच्चे हीट स्ट्रोक के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं। तेज गर्मी में उनको लेकर की गई लापरवाही भारी पड़ सकती है। गर्मी के मौसम में छोटे बच्चों का शरीर जल्दी गर्म हो जाता है और वे पसीना भी कम निकाल पाते हैं, जिससे उनके शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, सही देखभाल और सावधानी से गर्मी के इस मौसम में भी बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है। लापरवाही बच्चे की सेहत को खतरे में डाल सकती है। ऐसे में गर्मी से संबंधित किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।
हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए यहां कुछ प्रमुख और प्रभावी उपाय दिए गए हैं: