क्या आप भी ईयरफोन का करते हैं घंटों इस्तेमाल? कानों की सेहत से जुड़ी ये बड़ी चेतावनी भूलकर भी न करें इग्नोर!

Ear Health Tips: आजकल लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल करना आम आदत बन गई है लेकिन यह आपकी सुनने की क्षमता पर गंभीर असर डाल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप समय रहते सावधान हो जाएं।
Hearing Health Risk
ईयरफोन लगाकर मोबाइल इस्तेमाल करता व्यक्ति (सौ. एआई)
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Ear Health Care Tips: शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक होने के बावजूद हम अक्सर कानों की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। यह लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनियाभर में 5 से 19 वर्ष की आयु के लगभग 95.1 मिलियन बच्चे किसी न किसी स्तर की श्रवण हानि के साथ जी रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों से अपनी हियरिंग हेल्थ के प्रति सचेत होने की अपील की है।

तेज आवाज है सबसे बड़ा दुश्मन

डब्ल्यूएचओ के अनुसार सुनने की क्षमता खोने का सबसे बड़ा कारण लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहना है। संगठन ने सलाह दी है कि हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल करते समय वॉल्यूम लेवल को हमेशा 60 प्रतिशत से कम रखें। यदि आप ऐसे क्षेत्र में काम करते हैं जहां शोर का स्तर अधिक है तो इयरप्लग का उपयोग करना अनिवार्य होना चाहिए। यह एक छोटी सी सावधानी आपके कानों को भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान से बचा सकती है।

संगीत प्रेमियों और गेमर्स के लिए सलाह

आजकल की डिजिटल जीवनशैली में संगीत और गेमिंग का चलन बढ़ा है लेकिन यह कानों के लिए जोखिम भरा भी है। WHO ने संगीत प्रेमियों के लिए कुछ खास नियम बताए हैं।

दूरी बनाए रखें: लाइव इवेंट या कंसर्ट में स्पीकर के एकदम पास खड़े होने से बचें।

क्वाइट डे: किसी शोर वाले इवेंट में जाने के बाद अगले दिन अपने कानों को आराम दें और शांत माहौल में रहें।

नॉइज-कैंसलिंग तकनीक: गेमर्स को सलाह दी गई है कि वे नॉइज-कैंसलिंग हेडफोन का उपयोग करें ताकि उन्हें बैकग्राउंड शोर के कारण वॉल्यूम न बढ़ाना पड़े। साथ ही स्क्रीन टाइम के साथ-साथ हेडफोन के इस्तेमाल की समय सीमा भी तय करें।

नियमित जांच है बेहद जरूरी

अक्सर लोग तब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते जब तक समस्या गंभीर न हो जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर अपनी सुनने की क्षमता की जांच करानी चाहिए। यदि आपको कानों में भारीपन, लगातार सीटी जैसी आवाज आना या कम सुनाई देने जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से मिलें।

सुनने की क्षमता खो चुके लोगों के प्रति समाज का नजरिया बदलना भी आवश्यक है। उन्हें हीन भावना से देखने के बजाय समाज में सम्मान और सहयोग दें। सुनवाई की समस्या केवल एक शारीरिक दोष नहीं है बल्कि यह व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। याद रखें छोटी-सी सावधानी और सही समय पर लिया गया फैसला आपको ताउम्र सुनने की शक्ति प्रदान कर सकता है।

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