नकली शहद की पहचान करने के तरीके (सौ. सोशल मीडिया)
Fake Honey Test: अच्छा खानपान और भरपूर नींद हमारी सेहत की कुंजी होती है। इस कुंजी को बरकरार रखना बेहद जरूरी होता है। सेहत की मजबूती के लिए खानपान के लिए कई चीजों का सेवन करना जरूरी होता है तो आयुर्वेदिक चीजों का सेवन भी फायदेमंद होता है। हम बात कर रहे है शहद की। शहद का सेवन करने से शरीर में अंदरूनी तौर पर कई फायदे मिलते है। नियमित तौर पर शहद का सेवन गुनगुने पानी के साथ लेने से फायदा मिलता है। शहद का सेवन करना अच्छा होता है लेकिन आजकल मार्केट में नकली शहद मिल रहे है जो ऊपर से असली नजर आते है लेकिन नकली होते है।
असली शहद की जगह आप अगर नकली शहद का सेवन कर रहे है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। दरअसल नकली शहद का सेवन करने से किडनी, लीवर से लेकर दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप इन बीमारियों के खतरे से बचना चाहते है तो इन आसान तरीकों से नकली शहद की पहचान कर सकते है।
आप सेहत में किसी तरह के खतरे से बचना चाहते है तो कुछ तरीकों के बारे में जान सकते है…
1- अंगूठा टेस्ट:
अगर आप घर में नकली शहद की पहचान करना चाहते है तो यह तरीका अपना सकते है। इसके लिए आप असली शहद को अंगूठे पर लगाते है तो फैलता नहीं है टिकता है। वहीं पर नकली शहद आसानी से बह जाता है।
2- पानी टेस्ट से करें पहचान:
घर में आप नकली शहद की पहचान करने के लिए इस तरीके को अपना सकते है। इसके लिए एक गिलास पानी में शहद की कुछ बूंदें डालें, शुद्ध शहद नीचे बैठ जाएगा, जबकि नकली शहद पानी में घुल जाएगा।
3-कागज टेस्ट:
यह तरीका भी नकली शहद की पहचान करने के लिए सही है। घर में आप कागज पर शहद की बूंद डालें। अगर वह जल्दी फैल जाए और गीला कर दे तो समझिए शहद नकली है। वहीं पर असली शहद गाढ़ा होता है और नहीं फैलता।
4-आग टेस्ट:
शहद को जलाकर भी आप नकली-असली की पहचान कर सकते है।कॉटन की बत्ती पर शहद लगाकर जलाने की कोशिश करें, ऐसा करने से शुद्ध शहद जल उठेगा, लेकिन नकली शहद में मौजूद नमी और शक्कर जलने नहीं देगी।
5-सिरके का टेस्ट:
नकली शहद की पहचान करने के लिए आप सिरके वाला टेस्ट घर में कर सकते है। इसके लिए आप सिरके में शहद की कुछ बूंदें डालें। अगर उसमें झाग बनने लगे तो शहद में मिलावट है। इसके विपरित असली शहद से झाग नहीं निकलता। इस तरह से असली शहद की पहचान होती है।
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6-क्रिस्टलाइजेशन टेस्ट:
यह तरीका भी नकली शहद की पहचान करने के लिए सही है। असली शहद समय के साथ क्रिस्टलाइज हो जाता है यानी दानों जैसा जमने लगता है, जबकि नकली शहद लंबे समय तक तरल ही रहता है।
7-खुशबू और स्वाद:
यहां पर आप नकली शहद की पहचान करने के लिए यह तरीका अपना सकते है। इसके लिए असली शहद की खुशबू प्राकृतिक और हल्की होती है, स्वाद भी लंबा टिकता है. नकली शहद में महक और ज्यादा मीठा स्वाद होता है।