सुबह का कड़वा या खट्टा स्वाद बताता है पेट की सेहत का हाल, जानें इसके पीछे की असली वजह

Stomach Problems Symptoms: सुबह उठते ही मुंह खट्टा या कड़वा लगना पेट की बीमारी का संकेत हो सकता है। जानें इसके कारण, एसिड रिफ्लक्स और आयुर्वेदिक उपाय जो पित्त दोष को शांत करने में मदद करें।
Mouth Taste, health News
मुंह का स्वाद (सौ.सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bitter and Sour Taste In Mouth Morning: हमारे शरीर के किस अंग में गड़बड़ी है इसके लक्षण हमें किसी न किसी तरीके से नजर आने लगते है। सुबह की शुरुआत हर किसी की ताजगी से भरी ही होती है वहीं पर रात में शरीर खुद की मरम्मत करता है। लेकिन कई बार मरम्मत के दौरान आई गड़बड़ी का असर सुबह उठने पर नजर आता है। आपने कभी सुबह उठने के बाद मुंह में खट्टे या कड़वेपन का महसूस किया है।

कई बार खट्टा या कड़वा स्वाद अंदरुनी बुखार का संकेत देता है, लेकिन अगर इस स्वाद का अनुभव रोज हो रहा है, तो ये संकेत हैं कि पेट में समस्या आ चुकी है। मुंह से जुड़ी हर परेशानी का कनेक्शन पेट से होता है। अगर पेट सही है, तो मुंह से जुड़े विकार कम हो जाते हैं।

पेट की गड़बड़ी से जुड़ा होता है स्वाद

यहां पर पेट में अगर आपकी किसी तरह की गड़बड़ी या परेशानी बनी है तो, आपके मुंह के स्वाद में बदलाव आता है। पेट में बढ़ रहा अम्ल मुंह खट्टा या कड़वा होने के पीछे का मुख्य कारण है। इसे आधुनिक चिकित्सा में 'एसिड रिफ्लक्स' कहा जाता है, लेकिन आयुर्वेद इसे पित्त दोष की बीमारी मानता है। अगर शरीर में पित्त का स्तर बढ़ता है तो शरीर में अम्ल की मात्रा भी बढ़ने लगती है। इस तरह मुंह के स्वाद बढ़ने के कई कारण सामने आते है। जिनमें देर रात खाना खाना, शराब और तंबाकू का सेवन करना, लिवर का सही तरीके से काम न करना, पाचन अग्नि का मंद पड़ जाना और पेट में एसिड का बढ़ जाना शामिल है। पेट में एसिड बढ़ने के पीछे गलत खान-पान और लंबे समय तक भूखा रहना भी शामिल है।

आयुर्वेद में जानें परेशानी का हल

आप यहां पर आयुर्वेद में पेट से जुड़ी इस समस्याओं का हल छिपा है इसके बारे में बताया गया है।

1- पेट से जुड़ी बीमारियों से निजात पाने के लिए त्रिफला चूर्ण का सेवन करना सबसे फायदा दिलाने का काम करता है। इसके लिए रात को गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण लें। यह सुबह पेट साफ रखेगा और पित्त को जड़ से शांत करेगा। रात के भोजन के समय में बदलाव के साथ पेट से अम्ल को कम किया जा सकता है।

2-तांबे का पानी पीना भी पेट की सेहत के लिए सही होता है। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो पेट के अम्ल को शांत करने में मदद करती है। इसके लिए रात को तांबे के बर्तन में पानी भरकर रख दें और सुबह पानी का सेवन करें। तांबे का पानी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करेगा।

3- खाने की आदत को बदल लेंगे तो आपके लिए सही होगा। आप रोजाना कोशिश करें कि, खाने को जल्दी ही खाएं, लेट खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है।खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न लेटें, कुछ समय घूमें और बाईं करवट लेकर ही सोएं। विज्ञान मानता है कि बाईं करवट सोने से पेट का एसिड ऊपर नली में नहीं चढ़ता और दिल तक रक्त का प्रवाह भी अच्छा बना रहता है।

4- पेट की समस्या को कम करने के लिए सौंफ और मिश्री का पानी का सेवन कर सकते है। पाचन को सुधारने में मदद करता है और मुंह से आने वाली दुर्गंध से भी छुटकारा दिलाता है। इसके अलावा, अत्यधिक तनाव और चिंता से दूर रहें। स्ट्रेस में पेट में एसिड का उत्पादन सामान्य से तीन गुना ज्यादा बढ़ जाता है।

आईएएनएस के अनुसार

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com