

Ayurvedic Lifestyle: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर लोग अपनी सेहत के लिए बड़े-बड़े बदलाव करने की सोचते हैं, लेकिन व्यस्तता के कारण कुछ दिनों में ही रूटीन छूट जाता है। आयुर्वेदिक जीवनशैली ऐसी होती है कि छोटे और लगातार किए जाने वाले बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाए जा सकते हैं, जिसे आसानी से पालन किया जा सकता है।
रोजाना थोड़ा समय निकालकर शुरुआत की जा सकती है। आइए जानते हैं 5 आसान आयुर्वेदिक जीवनशैली की जिसे आसानी से अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसके फायदे अनेक हैं।
सुबह उठते ही फोन देखने की आदत को छोड़ दें। कुछ मिनट शांत बैठें और अपनी सांसों पर ध्यान दें। इसे किसी मेडिटेशन रूटीन की तरह करने की जरूरत नहीं है। इससे मानसिक संतुलन बना रहता है। आप 5-10 मिनट आंखें बंद करके धीमी और सामान्य गति से सांस लें। इसका उद्देश्य मन को दिन की शुरुआत में थोड़ा शांत समय देना है।
एक्सरसाइज के लिए हमेशा जिम या लंबा और थकाने वाला वर्कआउट जरूरी नहीं होता। सुबह की शुरुआत कुछ मिनट हल्की वॉक या किसी फिजिकल एक्टिविटी से की जा सकती है। छोटे एक्सरसाइज या वॉक आदत को आसान बनाने के लिए अच्छा है। इसमें जंपिंग जैक या सूर्य नमस्कार को भी समय के साथ शामिल किया जा सकता है।
आयुर्वेद में गर्शना यानी ड्राई ब्रशिंग का उल्लेख मिलता है। इसमें सूखी त्वचा पर शरीर को हल्के हाथों से ब्रशिंग की जाती है। इसे शॉवर से पहले किया जाता है। हालांकि इसे डिटॉक्स या किसी बीमारी के इलाज के तौर पर नहीं देखना चाहिए। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और त्वचा पर जमी डेड स्किन हट जाती है।
हेल्दी ईटिंग का मतलब केवल क्या खा रहे हैं, तक नहीं है बल्कि कैसे खा रहे हैं, यह भी है। ताजा, मौसम के अनुकूल और कम से कम प्रोसेस्ड फूड वाले खाने पर जोर देना चाहिए। भोजन के समय मोबाइल या टीवी से दूरी बनाकर खाने पर ध्यान दें। जल्दी-जल्दी खाने के बजाय भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं।
अगर मेडिटेशन आपके लिए मुश्किल है, तो कुछ मिनट का मौन व्रत भी आपके लिए मेडिटेशन की तरह काम कर सकता है। इससे मानसिक एकाग्रता बढ़ती है। इस दौरान विचारों में उलझने के बजाय अपने काम और सांस पर ध्यान देने की कोशिश की जा सकती है। आप चाहें तो शाम को 10 मिनट फोन से दूर बैठ सकते हैं, बालकनी में शांत समय बिता सकते हैं या केवल अपनी सांसों पर ध्यान दे सकते हैं।
सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग एक ही दिन में कई आदतें बदलने की कोशिश करते हैं और उसे लगातार फॉलो करने में असमर्थ हो जाते हैं।