पहले इंदौर, अब हरियाणा में गंदा पानी पीने से 12 लोगों की मौत, छांयसा गांव में छाया मातम
Haryana News : पलवल में पानी के 107 नमूनों में से 23 नमूनों में जीवाणु वृद्धि और कम क्लोरीनीकरण के चलते गुणवत्ता परीक्षण में कमी पाई है। हालांकि, मौतों के सटीक कारण की अब भी पूरी जांच चल रही है।
- Written By: रंजन कुमार
गांव में पसरा मातम। इमेज-एआई
Haryana Chayansa village Deaths News : मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के बाद अब ऐसी घटना हरियाणा के पलवल जिले में हुई है। छांयसा गांव इन दिनों किसी खौफनाक मंजर से गुजर रहा है। महज 15 दिनों के भीतर यहां 12 लोगों की रहस्यमयी मौत ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी है। मरने वालों में 5 मासूम स्कूली बच्चे भी शामिल हैं, जिससे ग्रामीणों में शोक और गुस्से का माहौल है। गांव के हालात इतने खराब हैं कि लगभग हर दूसरे घर में कोई न कोई बीमार पड़ा है।
ग्रामीणों के मुताबिक यह सिलसिला तब शुरू हुआ जब कुछ लोगों को हल्का बुखार, खांसी और बदन दर्द की शिकायत हुई। शुरुआत में इसे सामान्य मौसमी बीमारी माना गया, लेकिन देखते ही देखते मरीजों की हालत बिगड़ने लगी और मौतों की खबरें आने लगीं। मरने वालों में पायल, हुफैज, सारिका और हुमा जैसे किशोरों के साथ-साथ कई बुजुर्ग और युवा भी शामिल हैं। विडंबना यह है कि तीमारदार निजी और सरकारी अस्पतालों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं, लेकिन अपनों की जान नहीं बचा पा रहे।
स्वास्थ्य विभाग की जांच और पानी पर शक
लगातार हो रही मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में डेरा डाल दिया है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने पूरे गांव की स्क्रीनिंग कर ब्लड सैंपल जुटाए। विभाग के शुरुआती आकलन के अनुसार 4 मौतों के पीछे हेपेटाइटिस-B और C का हाथ हो सकता है, जबकि कुछ मामलों में लिवर इंफेक्शन और मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर को कारण बताया गया है। हालांकि, ग्रामीण इन दलीलों से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि बीमारी की सटीक वजह अब भी एक रहस्य बनी हुई है।
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क्या दूषित पानी है वजह?
करीब 5 हजार की आबादी वाले इस मुस्लिम बाहुल्य गांव में पानी की निकासी और आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सरपंच मोहम्मद इस्लाम ने बताया कि गांव के कई घरों में जमीन के नीचे बने कुंडों में पानी जमा किया जाता है। इसके लिए बाहर से पानी के टैंकर मंगाए जाते हैं। आशंका जताई जा रही है कि दूषित पानी या संक्रमण इस त्रासदी की जड़ हो सकता है। फिलहाल गांव में अजीब सा सन्नाटा और डर पसरा हुआ है। लोग इस उम्मीद में हैं कि प्रशासन जल्द ही इस बीमारी की तह तक पहुंचेगा, ताकि और मासूम जिंदगियां न छिनें।
