‘…क्या हैसियत’, दिल्ली चुनाव प्रचार में नायब सैनी मस्त; इधर अनिल विज की नाराजगी ने कर दिया सबको अस्त-व्यस्त
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी दिल्ली में भाजपा को सत्ता दिलाने में व्यस्त हैं, उधर दूसरी तरफ हरियाणा के दिग्गज मंत्री अनिल विज बगावत पर उतर आए हैं।
- Written By: Saurabh Pal
अनिल विज, नायब सैनी (फोटो- सोशल मीडिया)
चंडीगढ़ः हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी दिल्ली में भाजपा को सत्ता दिलाने में व्यस्त हैं, उधर दूसरी तरफ हरियाणा के दिग्गज मंत्री अनिल विज बगावत पर उतर आए हैं। वैसे तो अनिल विज अक्सर अपनी ही सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करते रहते हैं, लेकिन इस बार तो उन्होंने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दे दी है। विज की चेतावनी से भाजपा के खेमें में टेंशन है। वह न केवल मुख्यमंत्री से नाराज हैं, बल्कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ोली के खिलाफ भी आग उगल रहे हैं।
दरअसल, हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार में परिवहन मंत्री अनिल विज ने अंबाला डीसी पार्थ गुप्ता के तबादले के बाद आक्रामक रुख अपनाया है। पार्थ गुप्ता अनिल विज के करीबी अधिकारी माने जाते हैं। उनके अचानक तबादले से विज उखड़ गए। उन्होंने कहा कि मैं कुछ नहीं बोलता हूं, मेरी क्या हैसियत है लेकिन जो बोलता हूं, आत्मा से बोलता हूं और आत्मा की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है।
अनिल विज ने सीएम सैनी के लिए क्या कहा?
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हालांकि अनिल विज ने अंबाला डीसी के तबादले पर को लेकर कहा कि यह आते-जाते रहते हैं, इससे कोई ताल्लुक नहीं है। अनशन की चेतावनी पर उन्होंने कहा कि अभी मेरी कोई बात नहीं हुई है कि वर्कर क्या महसूस कर रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से बैठकर बात करेंगे, उसके बाद फिर सोचेंगे। इससे पहले उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली को लेकर कहा था कि दुष्कर्म का आरोपी व्यक्ति को अध्यक्ष पद पर नहीं रहना चाहिए।
‘मुख्यमंत्री चाहें तो छीन लें मंत्री पद’
रोहतक में अनिल विज ने बगावती तेवर दिखाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चाहें तो इस्तीफा ले लें, मंत्री पद छीन लें, मेरी सदन में वरिष्ठता और मेरी विधायकी नहीं छीन सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं 7 बार का विधायक हूं और जनता ने मुझे यहां पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि मैंने मंत्री बनकर भी कोठी नहीं ली। अगर कार छीनी गई तो मैं कार भी अपने पैसे खरीद लेंगे।
