दुबई से अहमदाबाद पहुंची रिलीफ फ्लाइट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Dubai to Ahmedabad Relief Flight: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव और ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगे ग्रहण के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। दुबई में पिछले कई दिनों से फंसे 170 भारतीय यात्रियों को लेकर एक विशेष रिलीफ फ्लाइट ‘FZ 8437’ गुरुवार सुबह सुरक्षित अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुई।
सुबह करीब 4:40 बजे जब विमान के पहियों ने अहमदाबाद की जमीन को छुआ, तो यात्रियों के चेहरों पर डर की जगह सुकून नजर आया। अपनों के इंतजार में बाहर खड़े परिजनों ने भी राहत की सांस ली।
अहमदाबाद पहुंचे यात्रियों ने दुबई के जो हालात बयां किए, वे काफी चिंताजनक हैं। सुरक्षित वतन लौटे यात्री विनोद तोलानी ने बताया कि ईरान के हमलों के बाद पूरे दुबई में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था। उन्होंने बताया, “एयरपोर्ट के बाहर हजारों की संख्या में भारतीय नागरिक फंसे हुए थे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और अंदर केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा था जिनके पास कन्फर्म टिकट था। बाकी लोग चिलचिलाती धूप और अनिश्चितता के बीच बाहर ही इंतजार करने को मजबूर थे।”
Ahmedabad, Gujarat: Relief flight QP 564 from Jeddah landed at Sardar Vallabhbhai Patel International Airport at 5:00 AM. The flight, operated under special circumstances, brought all passengers back safely. pic.twitter.com/z7Du83oNp0 — IANS (@ians_india) March 5, 2026
संकट के इस दौर में विमानन कंपनियों द्वारा टिकट के दामों में की गई भारी बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी। यात्रियों के मुताबिक, सामान्य दिनों में किफायती रहने वाला दुबई-भारत का सफर अब पहुंच से बाहर होता दिख रहा था।
विनोद तोलानी ने साझा किया कि कुछ फ्लाइट्स के टिकट 80 से 90 हजार रुपये के पार चले गए थे। यहां तक कि एक एयरलाइन का किराया तो ₹1.90 लाख तक पहुंच गया था। एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार के लिए इतने महंगे टिकट खरीदकर वापस आना लगभग नामुमकिन जैसा था। ऐसे में रिलीफ फ्लाइट का चलना किसी चमत्कार से कम नहीं था।
यात्रियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से दुबई में ऐसा लग रहा था कि अगले एक हफ्ते तक स्थिति सामान्य नहीं होगी। 9 तारीख तक की ज्यादातर उड़ानें पहले ही कैंसिल कर दी गई थीं। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां और सेना स्थिति को काबू में करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन युद्ध की आहट ने हर किसी को डरा दिया था। अचानक रिलीफ फ्लाइट की खबर आना उन लोगों के लिए डूबते को तिनके का सहारा जैसा था।
दुबई में फंसे यात्रियों के अनुभव दो हिस्सों में बंटे हुए थे। जो यात्री किसी तरह एयरपोर्ट के अंदर चेक-इन कर चुके थे, उन्हें एयरलाइंस की ओर से होटलों में ठहरने और भोजन की सुविधा दी गई। लेकिन असली चुनौती उन लोगों के लिए थी जो एयरपोर्ट के बाहर फंसे थे। उनके पास न तो रहने का कोई ठिकाना था और न ही वापस जाने का रास्ता। कई लोग खुद के इंतजाम पर सड़कों या अस्थाई ठिकानों पर दिन काट रहे थे।
मौजूदा भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए भारत सरकार और विमानन नियामक सक्रिय हैं। यह रिलीफ फ्लाइट इसी मिशन का हिस्सा थी ताकि फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित घर पहुंचाया जा सके। अहमदाबाद पहुंचे यात्रियों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों का शुक्रिया अदा किया है, जिनकी वजह से वे सही समय पर अपने परिवार के बीच पहुंच पाए।
यह भी पढ़ें: Breaking News: थोड़ी देर में होगा नीतीश कुमार का इस्तीफा, राज्यसभा जाने का किया ऐलान
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहने तक उड़ानों का शेड्यूल इसी तरह प्रभावित रह सकता है। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर अब भी अतिरिक्त सुरक्षा और सतर्कता बरती जा रही है ताकि आने वाले अन्य यात्रियों को कोई असुविधा न हो।