Zubeen Garg Death Accidental Drowning: जुबीन गर्ग की मौत को लेकर सिंगापुर की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह मामला किसी साजिश का नहीं, बल्कि एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में डूबने का है। इस फैसले के साथ ही लंबे समय से उठ रहे कई सवालों पर विराम लग गया है।
सिंगापुर के स्टेट कोरोनर एडम नखोदा ने बुधवार को अपना निर्णय सुनाते हुए कहा कि सिंगापुर पुलिस कोस्ट गार्ड (PCG) की जांच पूरी तरह सही और व्यापक थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में किसी तरह की आपराधिक साजिश या जबरदस्ती के कोई सबूत सामने नहीं आए हैं।
कोर्ट के अनुसार, 52 वर्षीय जुबीन गर्ग की मौत एक दुखद दुर्घटना थी। जांच में यह सामने आया कि घटना के वक्त वह नशे की हालत में थे, जिसकी वजह से उनके फैसले लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। बताया गया कि पहली बार पानी में उतरते समय उन्होंने लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन बाद में उसे उतार दिया। दूसरी बार तैरने के दौरान उन्होंने यॉट के कैप्टन और अन्य लोगों के कहने के बावजूद लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया।
कोरोनर ने यह भी साफ किया कि उन्हें पानी में किसी ने धक्का नहीं दिया था और न ही उन्हें जबरदस्ती डुबोया गया। यहां तक कि बचाव करने वाले लोगों पर भी किसी तरह की लापरवाही या गलत इरादे का कोई प्रमाण नहीं मिला।
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यह घटना 19 सितंबर 2025 को लाजरस आइलैंड के पास हुई थी। उस दिन जुबीन गर्ग एक यॉट ट्रिप पर थे, जिसमें करीब 20 लोग शामिल थे। इस दौरान सभी ने तैराकी, कयाकिंग और पार्टी जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया। गवाहों के अनुसार, जुबीन ने शराब का सेवन भी किया था, जिसमें लिकर, जिन, व्हिस्की और बीयर शामिल थीं।
गौरतलब है कि इस हादसे के अगले दिन उन्हें ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में प्रस्तुति देनी थी, जो सिंगापुर और भारत के बीच 60 साल के राजनयिक संबंधों के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। हालांकि, उनकी अचानक मौत के बाद इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। कोर्ट के इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि यह एक दर्दनाक लेकिन आकस्मिक घटना थी, जिसमें किसी भी प्रकार की साजिश शामिल नहीं थी।