थलापति विजय की जन नायकन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Jana Nayagan Release Controversy: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज इस वक्त कानूनी पचड़े में फंस गई है। फिल्म को लेकर चल रहा सेंसर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 15 जनवरी को सुनवाई करेगा, जिससे फिल्म की रिलीज का भविष्य तय होने की उम्मीद है।
दरअसल, ‘जन नायकन’ को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से सर्टिफिकेट मिलने में देरी हुई। निर्माताओं ने 18 दिसंबर को फिल्म को सेंसर बोर्ड के सामने पेश किया था। बोर्ड की परीक्षक समिति ने कुछ कट्स के साथ फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की थी। निर्माताओं ने सुझाए गए बदलाव भी कर दिए, इसके बावजूद बोर्ड ने सर्टिफिकेट जारी नहीं किया और फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया।
इस फैसले से नाराज होकर केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 9 जनवरी को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सेंसर बोर्ड को फटकार लगाते हुए तुरंत यू/ए सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि शिकायतों के आधार पर बार-बार प्रक्रिया में अड़चन डालना एक खतरनाक परंपरा को जन्म दे सकता है।
हालांकि, उसी दिन CBFC ने इस आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी और कहा कि सेंसर बोर्ड को अपना पक्ष पूरी तरह रखने का मौका नहीं मिला था। इस रोक के बाद फिल्म की रिलीज, जो 9 जनवरी को तय मानी जा रही थी, अनिश्चित हो गई। इसके बाद निर्माता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और 12 जनवरी को स्पेशल लीव पिटीशन दायर की। अब सबकी नजर 15 जनवरी की सुनवाई पर टिकी है।
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खास बात यह है कि ‘जन नायकन’ को विजय की राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। हाल ही में विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ की घोषणा की है। एच. विनोद के निर्देशन में बनी इस फिल्म में थलापति विजय के साथ पूजा हेगड़े अहम भूमिका में नजर आएंगी। निर्माताओं के मुताबिक, ‘जन नायकन’ को 22 देशों में चार भाषाओं में रिलीज करने की योजना है। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस फिल्म को हरी झंडी देता है या रिलीज की राह और मुश्किल होती है।