सलीम मर्चेंट (फोटो-सोशल मीडिया)
Salim Merchant Sufi Pop Music: हिंदी सिनेमा में जब भी मधुर, सूफियाना और रोमांटिक धुनों की बात होती है, तो सलीम मर्चेंट का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। ‘इश्क वाला लव’, ‘शुक्रन अल्लाह’ और ‘जिगर दा टुकड़ा’ जैसे लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज और संगीत से खास बनाने वाले सलीम ने भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री को नई पहचान दी है। 3 मार्च को मुंबई में जन्मे सलीम मर्चेंट को बचपन से ही घर में संगीतमय वातावरण मिला।
सलीम मर्चेंट के पिता एक संगीतकार और कुशल कीबोर्ड वादक थे। सलीम ने बचपन में अपने पिता को गाते और कीबोर्ड बजाते हुए देखा, जिसने उनके मन में संगीत के प्रति गहरा लगाव पैदा किया। एक इंटरव्यू में सलीम ने कहा था कि उन्होंने हमेशा अपने पिता के पदचिह्नों पर चलने की कोशिश की। संगीत उनके जीवन में बहुत जल्दी आ गया था, क्योंकि घर का माहौल ही सुरों से भरा हुआ था।
सलीम मर्चेंट ने केवल भारतीय शास्त्रीय संगीत ही नहीं सीखा, बल्कि पश्चिमी शास्त्रीय संगीत की भी गहरी समझ विकसित की। उन्होंने सिंथेसाइज़र बजाने में महारत हासिल की। भारतीय रागों और पश्चिमी धुनों के इस अनोखे मिश्रण ने उनके संगीत को अलग पहचान दी। उनकी धुनों में पॉप, सूफी और कव्वाली का खूबसूरत संगम देखने को मिलता है, जो श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ता है।
सलीम ने अपने भाई सुलेमान मर्चेंट के साथ मिलकर ‘रब ने बना दी जोड़ी’ और ‘फैशन’ जैसी फिल्मों के लिए यादगार संगीत तैयार किया। दोनों भाइयों की जोड़ी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई। उन्होंने 2010 के FIFA World Cup का एंथम भी कंपोज किया, जो उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है। इतना ही नहीं, उन्होंने पॉप स्टार लेडी गागा के गाने ‘बॉर्न दिस वे’ और ‘जुडास’ का रीमिक्स भी तैयार किया।
फिल्मों में संगीत देने के अलावा सलीम मर्चेंट ने ‘इंडियन आइडल’ में जज की भूमिका भी निभाई। उन्होंने ‘लव ब्रेकअप जिंदगी’ का ‘रब राखा’, ‘फैशन’ का ‘मरजावां’, ‘मौला ले’, ‘ले मेरी जान’ और ‘ओ रे पिया’ जैसे गीतों के लिए भी संगीत तैयार किया। सलीम मर्चेंट की संगीत यात्रा यह साबित करती है कि प्रतिभा, समर्पण और सही मार्गदर्शन से कोई भी कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकता है।