
सुशांत सिंह राजपूत (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Sushant Singh Rajput Birth Anniversary: दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आज बर्थ एनिवर्सरी है। सुशांत का जन्म 21 जनवरी 1986 को बिहार के मलडीहा में हुआ था। वे चार बहनों के इकलौते भाई थे और परिवार में सभी के बेहद चहेते थे। सुशांत का बचपन पढ़ाई, अनुशासन और सपनों के बीच बीता। हालांकि उनकी जिंदगी में शुरुआती दौर से ही कई उतार-चढ़ाव आए। साल 2002 में उनकी मां का निधन हो गया, जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। इसके बाद परिवार दिल्ली शिफ्ट हुआ, हालांकि कुछ समय बाद वे वापस पटना लौट आए।
सुशांत पढ़ाई में असाधारण रूप से तेज थे। उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक जेईईई (IIT-JEE) में ऑल इंडिया 7वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE) में दाखिला लिया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें एहसास हो गया था कि उनका सपना किसी कॉरपोरेट ऑफिस में बैठना नहीं, बल्कि कैमरे के सामने अपनी पहचान बनाना है। इसी सपने के चलते उन्होंने तीसरे साल में इंजीनियरिंग छोड़ दी और अभिनय की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया।
मुंबई आने के बाद सुशांत ने डांस और एक्टिंग की बाकायदा ट्रेनिंग ली। उन्होंने बैरी जॉन की एक्टिंग वर्कशॉप जॉइन की और थिएटर में खुद को निखारा। मेहनत रंग लाई और उन्हें टीवी शो ‘किस देश में है मेरा दिल’ मिला। हालांकि असली पहचान उन्हें एकता कपूर के सुपरहिट सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ से मिली, जहां मानव के किरदार ने उन्हें घर-घर मशहूर कर दिया।
सुशांत की निजी जिंदगी भी खूब सुर्खियों में रही। वे अपनी को-स्टार अंकिता लोखंडे के साथ लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे। दोनों की शादी की खबरें भी सामने आईं, लेकिन 6 साल बाद दोनों का रिश्ता टूट गया। ब्रेकअप की वजह आज तक सार्वजनिक नहीं हो पाई। फिल्मों में सुशांत ने 2013 में अभिषेक कपूर की ‘काय पो छे’ से डेब्यू किया। इसके बाद ‘शुद्ध देसी रोमांस’, ‘पीके’, ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी’ और ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता साबित की। धोनी की बायोपिक में उनका अभिनय आज भी याद किया जाता है।
सुशांत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ रही, जो उनकी मौत के करीब डेढ़ महीने बाद ओटीटी पर रिलीज हुई। 14 जून 2020 को मुंबई में उनका निधन हो गया, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। भले ही सुशांत आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी प्रतिभा, मेहनत और सपने आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करते हैं।






