‘किशोर दा और अलका जी के बिना भी पद्म श्री?’ सोनू निगम का बयान हुआ वायरल
25 जनवरी 2025 को पद्म पुरस्कारों में संगीत जगत के दिग्गजों को सम्मानित किया गया, लेकिन इस अवसर पर सोनू निगम ने किशोर कुमार और अलका याग्निक जैसे महान गायकों को नजरअंदाज किए जाने पर नाराजगी जताई है।
- Written By: अदिति भंडारी
‘किशोर दा और अलका जी के बिना भी पद्म श्री?’ सोनू निगम का बयान हुआ वायरल (सौ. सोशल मीडिया)
मुंबई: 25 जनवरी 2025 को पद्म पुरस्कारों की घोषणा के साथ भारत ने उन प्रतिष्ठित हस्तियों का सम्मान किया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतरिन योगदान दिया। मनोरंजन जगत से, अरिजीत सिंह को उनकी भावपूर्ण गायकी के लिए पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया। वहीं लोक गायिका शारदा सिन्हा, जिनका हाल ही में निधन हुआ उनको मृत्यू के बाद पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
फिल्म निर्माता शेखर कपूर, अभिनेता अनंत नाग, दक्षिण भारतीय सिनेमा के सितारे नंदमुरी बालकृष्ण और अजित कुमार, और प्रसिद्ध गज़ल गायक पंकज उधास को भी विभिन्न श्रेणियों में पद्म सम्मान दिए गए।
इस बीच, गायक सोनू निगम ने एक वीडियो शेयर करते हुए इन पुरस्कारों के चयन पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत ने संगीत की दुनिया में गहरी छाप छोड़ने वाले दो महान गायकों के साथ न्याय नहीं किया है। उनका कहना था कि मोहम्मद रफी जैसे दिग्गज को केवल पद्म श्री तक सीमित रखा गया, जबकि किशोर कुमार को अब तक किसी भी पद्म सम्मान से वंचित रखा गया है।
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वीडियो में सोनू निगम ने अन्य प्रतिष्ठित गायकों का भी जिक्र किया, जैसे अलका याग्निक, जिनका दशकों तक सफल करियर रहा, श्रेया घोषाल और सुनिधि चौहान, जिन्होंने अपनी पीढ़ी को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि इन कलाकारों ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है और इन्हें अब तक किसी पद्म पुरस्कार से सम्मानित न करना दुर्भाग्यपूर्ण है। सोनू निगम ने यह भी कहा कि न केवल संगीत बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी कई व्यक्तित्व ऐसे हैं जो इन सम्मानों के हकदार हैं, लेकिन उन्हें अब तक नजरअंदाज किया गया है।
यहां देखें वीडियो-
सोनू निगम के इस बयान ने प्रशंसकों और इंडस्ट्री के लोगों के बीच बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर कई लोग उनके विचारों से सहमत दिखे, जिन्होंने पद्म पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर अधिक पारदर्शिता और समावेशिता की मांग की।
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यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब प्रशंसा के साथ-साथ सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या पुरस्कार हमेशा योग्य उम्मीदवारों को मिलते हैं। सोनू निगम का यह संदेश न केवल संगीत प्रेमियों बल्कि पूरे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है।
