रीना रॉय (सोर्स- सोशल मीडिया)
Reena Roy Birthday Special Story: 70 और 80 के दशक में अपनी दमदार अदाकारी से बॉलीवुड पर राज करने वाली अभिनेत्री रीना रॉय का करियर जितना शानदार रहा, निजी जिंदगी उतनी ही संघर्षों से भरी रही। पर्दे पर मजबूत महिला किरदार निभाने वाली रीना रॉय की असल जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आए, जिन्होंने उन्हें अंदर से तोड़ कर रख दिया।
रीना रॉय का जन्म 7 जनवरी 1957 को मुंबई में हुआ था। आज अभिनेत्री अपना 69वां जन्मदिन मना रही हैं। रीना रॉय का असली नाम सायरा अली था। उनके पिता मुस्लिम और मां हिंदू थीं। माता-पिता के तलाक के बाद उनकी मां ने बच्चों के नाम बदल दिए और सायरा अली से वह पहले रूपा रॉय और फिर फिल्मों में आने के बाद रीना रॉय बनीं। करियर की शुरुआत में रीना को क्लब में डांसर तक का काम करना पड़ा और शुरुआती फिल्में लगातार फ्लॉप रहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
1976 में फिल्में ‘नागिन’ और ‘कालीचरण’ ने उनकी किस्मत पलट दी। रातोंरात वह सुपरस्टार बन गईं और बड़े-बड़े एक्टर्स व डायरेक्टर्स की पहली पसंद बन गईं। इसी दौरान फिल्म ‘कालीचरण’ की शूटिंग के समय उनका नाम अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा से जुड़ा। दोनों का अफेयर करीब सात साल चला, लेकिन यह रिश्ता शादी तक नहीं पहुंच सका।
बताया जाता है कि शत्रुघ्न सिन्हा रीना रॉय से प्यार तो करते थे, लेकिन सामाजिक कारणों और पारिवारिक दबाव के चलते उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार नहीं कर पाए। बाद में शत्रुघ्न सिन्हा ने पूनम चंदिरामनी से शादी कर ली, जिससे रीना रॉय को गहरा धक्का लगा। इस रिश्ते के टूटने से वह पूरी तरह टूट गई थीं।
दिल टूटने के बाद रीना रॉय ने 1983 में पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान से शादी कर ली और करियर के पीक पर फिल्मों से दूरी बना ली। शादी के बाद वह बेटी सनम की मां बनीं, लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। मोहसिन खान चाहते थे कि रीना लंदन शिफ्ट होकर ब्रिटिश नागरिकता ले लें, जबकि रीना भारत छोड़ने को तैयार नहीं थीं।
यही मतभेद तलाक की वजह बना। तलाक के बाद बेटी की कस्टडी को लेकर लंबी लड़ाई चली। रीना रॉय ने खुद बताया था कि बेटी को वापस पाने के लिए उन्हें साधु-संतों और बाबाओं तक की मदद लेनी पड़ी थी। आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बाद उन्हें बेटी की कस्टडी मिली। रीना रॉय की कहानी सिर्फ एक सुपरस्टार की नहीं, बल्कि उस महिला की है जिसने शोहरत के शिखर से गिरकर भी जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाइयों को हिम्मत से लड़ा।