राजेश खन्ना, अनीता आडवाणी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Bombay High Court Anita Advani: बॉलीवुड के दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में बड़ा फैसला सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 1 अप्रैल को अनीता आडवाणी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने रिश्ते को शादी के रूप में मान्यता देने की मांग की थी।
जस्टिस शर्मिला देशमुख की बेंच ने दिंडोशी कोर्ट के 2017 के फैसले को बरकरार रखते हुए अनीता आडवाणी की अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर उनके और राजेश खन्ना के रिश्ते को शादी नहीं माना जा सकता। इस फैसले के बाद डिंपल कपाड़िया, अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना को बड़ी राहत मिली है।
अनीता आडवाणी का दावा था कि वह कई सालों तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन पार्टनर के रूप में रहीं और इसी आधार पर उन्होंने उनकी संपत्ति में हिस्सा और ‘आशीर्वाद’ बंगले में रहने का अधिकार मांगा था। हालांकि, दिंडोशी कोर्ट ने पहले ही उनके सिविल सूट को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में अपील की थी।
यह विवाद नया नहीं है। साल 2012 से ही अनीता आडवाणी और खन्ना परिवार के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। उन्होंने डिंपल कपाड़िया, अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज कराया था। लेकिन 2015 में हाई कोर्ट ने उस मामले को भी खारिज कर दिया था और कहा था कि यह रिश्ता ‘शादी की प्रकृति’ के तहत नहीं आता।
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अनीता आडवाणी 80 के दशक की एक्ट्रेस रही हैं और ‘आओ प्यार करें’, ‘साजिश’ और ‘दासी’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। हालांकि, वह ज्यादा सुर्खियों में राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को लेकर रहीं। उन्होंने कई इंटरव्यू में दावा किया था कि दोनों ने मंदिर में शादी की थी और लंबे समय तक साथ रहे।
ताजा फैसले के साथ यह साफ हो गया है कि कानून की नजर में राजेश खन्ना और अनीता आडवाणी का रिश्ता शादी के रूप में मान्य नहीं है। हालांकि, यह मामला वर्षों से चर्चा में रहा है और इस फैसले के बाद भी इससे जुड़ी बहसें जारी रह सकती हैं।