200 से ज्यादा फिल्मों में लगाया हंसी का तड़का, देव आनंद की फिल्म में ‘पोपटलाल’ बन छा गए राजेंद्र नाथ
Rajendra Nath Popatlal: अपनी कॉमिक टाइमिंग से पहचान बनाने वाले राजेंद्र नाथ ने ‘जब प्यार किसी से होता है’ में ‘पोपटलाल’ बनकर लोकप्रियता हासिल की। देव आनंद के साथ उनकी केमिस्ट्री दर्शकों को खूब भायी।
- Written By: सोनाली झा
राजेंद्र नाथ (फोटो- सोशल मीडिया)
Rajendra Nath Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर में जब हास्य कलाकारों की चर्चा होती है, तो राजेंद्र नाथ का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। अपनी अनोखी कॉमिक टाइमिंग, चुटीले संवाद और अलग अंदाज़ की अदाकारी से उन्होंने 1960 और 70 के दशक में दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। उस दौर में जॉनी वॉकर और महमूद जैसे दिग्गज कलाकार पहले से लोकप्रिय थे, लेकिन राजेंद्र नाथ ने अपनी अलग शैली से खास पहचान बनाई।
साल 1961 में रिलीज हुई फिल्म जब प्यार किसी से होता है में राजेंद्र नाथ ने ‘पोपटलाल’ का किरदार निभाया। फिल्म में लीड रोल में देव आनंद और आशा पारेख थे, लेकिन सहायक भूमिका में राजेंद्र नाथ ने अपने अभिनय से अलग ही छाप छोड़ दी। देव आनंद के साथ राजेंद्र नाथ की शानदार केमिस्ट्री और पोपटलाल का अनोखा अंदाज इतना पसंद किया गया कि ‘पोपटलाल’ उनका पर्याय बन गया।
200 से अधिक फिल्मों में किया काम
इस फिल्म की सफलता ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद राजेंद्र नाथ ने 200 से अधिक हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम किया। राजेंद्र नाथ की मौजूदगी किसी भी फिल्म में हंसी का पुट जोड़ देती थी। राजेंद्र नाथ की कॉमेडी में मासूमियत भी थी और हल्की-फुल्की शरारत भी, जो दर्शकों को गुदगुदा देती थी। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था।
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राजेंद्र नाथ का करियर
करियर के शुरुआती दिनों में राजेंद्र नाथ ने पृथ्वी थिएटर से जुड़कर अभिनय की बारीकियां सीखीं। छोटे-छोटे रोल निभाते हुए राजेंद्र नाथ ने खुद को साबित किया। राजेंद्र नाथ ने यह दिखाया कि कलाकार की असली ताकत उसके किरदार के आकार में नहीं, बल्कि उसके अभिनय में होती है। कई बार राजेंद्र नाथ की मौजूदगी फिल्म के मुख्य कलाकारों पर भी भारी पड़ जाती थी।
राजेंद्र नाथ का हास्य इतिहास में योगदान
8 जून 1931 को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में जन्मे राजेंद्र नाथ का 13 फरवरी 2008 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। आज भी जब पुरानी फिल्में देखी जाती हैं, तो ‘पोपटलाल’ का नाम आते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। हिंदी सिनेमा के हास्य इतिहास में राजेंद्र नाथ का योगदान हमेशा अमर रहेगा।
