आर माधवन वेब सीरीज (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Web Series Breathe OTT: ओटीटी की दुनिया में हर हफ्ते नई वेब सीरीज रिलीज होती हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरती हैं। ‘ब्रीथ’ उन्हीं चुनिंदा भारतीय साइकोलॉजिकल थ्रिलर सीरीज में से एक है, जिसने 2018 में अमेजन प्राइम वीडियो पर दस्तक देकर दर्शकों को चौंका दिया था। आज भी, सालों बाद, यह शो सस्पेंस और इमोशन के बेहतरीन मिश्रण के लिए याद किया जाता है।
सीरीज की कहानी एक आम से दिखने वाले पिता डैनी (आर माधवन) के इर्द-गिर्द घूमती है। डैनी की जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है जब उसे पता चलता है कि उसका बेटा गंभीर फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहा है और उसे तुरंत लंग ट्रांसप्लांट की जरूरत है। एक असहाय पिता की तरह वह सिस्टम के दरवाजे खटखटाता है, उम्मीद करता है कि उसे समय रहते डोनर मिल जाएगा। लेकिन जब इंतजार लंबा होता जाता है और हालात हाथ से निकलने लगते हैं, तो उसकी सोच खतरनाक दिशा में मुड़ जाती है।
अपने बेटे को बचाने की जुनून भरी चाह में डैनी नैतिक सीमाएं पार कर देता है। वह ऑर्गन डोनर लिस्ट में शामिल लोगों को निशाना बनाता है, ताकि उसके बेटे की बारी जल्दी आ सके। यहीं से कहानी एक गहरे मनोवैज्ञानिक संघर्ष में बदल जाती है क्या एक पिता का प्यार उसे अपराधी बना सकता है? क्या मजबूरी सही और गलत की रेखा मिटा देती है?
दूसरी तरफ अमित साध एक सख्त लेकिन संवेदनशील पुलिस अधिकारी कबीर सावंत के रोल में हैं। वह इन रहस्यमयी मौतों की तह तक जाने की कोशिश करते हैं। कबीर और डैनी यानी आर माधवन के बीच की बिल्ली-चूहे की यह दौड़ दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।
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‘ब्रीथ’ की खासियत सिर्फ इसका क्राइम एंगल नहीं, बल्कि किरदारों की भावनात्मक गहराई है। यह सीरीज दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि अगर हालात ऐसे हों, तो इंसान किस हद तक जा सकता है। शानदार लेखन, कसी हुई पटकथा और दमदार अभिनय इसे आज भी प्रासंगिक बनाते हैं। आईएमडीबी पर 8.2/10 की मजबूत रेटिंग इस बात का सबूत है कि ‘ब्रीथ’ सिर्फ एक वेब सीरीज नहीं, बल्कि ओटीटी पर एक यादगार अनुभव है। सस्पेंस और इमोशन का यह संगम आज भी देखने लायक है।